Categories
राजनीति

आजादी के बाद विचारधारा से हटी कांग्रेस

28 दिसंबर 1885। कांगे्रस का स्थापना दिवस। दिन के 12 बजे थे और मुंबई का गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कालेज कांग्रेसजनों से खचाखच भरा था। अंग्रेज अधिकारी एलन आक्टेवियम ह्यूम ने व्योमेश चंद्र बनर्जी के सभापतित्व का प्रस्ताव रखा और एस सुब्रमण्यम अय्यर और काशीनाथ त्रयंबक तैलंग ने उसका समर्थन किया। इस तरह कांग्रेस का जन्म […]

Categories
बिखरे मोती

दिशाएं होते सत्पुरूष, देते सत्सन्देश

बिखरे मोती-भाग 222 गतांक से आगे…. दिशाएं होते सत्पुरूष, देते सत्सन्देश। परहित जिनका धर्म है, रहते खुशी हमेश ।। 1159 ।। व्याख्या:-विश्वमंगल करने के लिए विधाता धरती पर ऐसी दिव्यात्माओं का आविर्भाव किया करता है, जो सत्पुरूष कहलाती हैं। ऐसी दिव्यात्माओं का स्वभाव ऋजुता (कुटिलता रहित होना) से ओत-प्रोत रहता है। सरलता, शीलता, प्रेम और […]

Categories
गीता का कर्मयोग और आज का विश्व डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-75

गीता का चौदहवां अध्याय और विश्व समाज गीता निष्कामता और फलासक्ति के त्याग को अपना प्रतिपाद्य विषय लेकर चल रही है। हर अध्याय का निचोड़ गीता के इसी प्रतिपाद्य विषय के आसपास ही आकर ठहरता है। अब जो विषय चल रहा है, वह यही है कि- रूह अलग है देह से देह करे व्यापार। खेत […]

Categories
गीता का कर्मयोग और आज का विश्व डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-74

गीता का तेरहवां अध्याय और विश्व समाज संसार के जितने भर भी चमकते हुए पदार्थ हैं-उनमें वह परमपिता परमेश्वर ज्योति की ज्योति अर्थात परम-ज्योति बनकर विराजमान है। यही वेद कहता है -‘ज्योतिषां ज्योतिरेकम्।’ वह अंधकार से परे है-वेद भी कहता है-‘तम स: परस्तात्’- श्रीकृष्ण जी भी उस ‘ज्ञेय’ का अर्जुन को कुछ ऐसा ही पता […]

Categories
संपूर्ण भारत कभी गुलाम नही रहा

हिन्दू राज्य की स्थापना के लिए संघर्ष करता रहा वीर बैरागी

यह सोच हमें छलती है यदि कोई हमसे यह कहे कि भारत के इतिहास में कहीं थोड़ा बहुत तथ्यात्मक परिवर्तन हो भी गया है तो इससे अंतर ही क्या आया है? वही विश्व है, वही धरती है, वही सूर्य है और वही चंद्रमा है। जब सब कुछ वही है तो इस बात को लेकर रोने […]

Categories
बिखरे मोती

चित्त का चिन्तन ठीक हो, तो मनुज का हो उत्थान

बिखरे मोती-भाग 221 गतांक से आगे…. काश! ऐसा हो कि हम अपने आत्मस्वरूप को पहचानें और प्रभु प्रदत्त चित्त रूपी मानसरोवर जो प्रेम, प्रसन्नता शान्ति, क्षान्ति, क्षमा, धैर्य, सौहाद्र्र, संतोष, उदारता, वात्सल्य, स्नेह, श्रद्घा, समर्पण इत्यादि सद्भावों का जलाशय है। यदि मानव इस जलाशय में नित्य प्रति अवगाहन करेगा, इस जलाशय में गोता लगाएगा अर्थात […]

Categories
गीता का कर्मयोग और आज का विश्व डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-73

गीता का तेरहवां अध्याय और विश्व समाज ब्रहमाण्ड का क्षेत्रज्ञ कौन है? अब श्रीकृष्णजी कहते हैं कि अर्जुन! अब मैं तुझे यह बतलाऊं कि ‘ज्ञेय’ क्या है? अर्थात जानने योग्य क्या है? वह क्या है जिसे जान लेने पर अमृत की प्राप्ति की जाती है? इस ‘ज्ञेय’ के विषय में बताते हुए श्रीकृष्णजी कहते हैं […]

Categories
हमारे क्रांतिकारी / महापुरुष

जब बजी वेद की बांसुरिया

जन डोले जीवन डोले और डोला सब संसार रे जब बजी वेद की बांसुरिया रे 1. परमेश्वर की अनुकम्पा से एक तपस्वी आया। जिसने जनता को नवयुग का नव संदेश सुनाया हो प्यारे नव संदेश सुनाया रे…. जब…. 2. जनता जागी निद्रा त्यगी सुमिर-सुमिर ओंकार रे…. जब बजी वेद की… सब पाखण्डी कुरीतियों से उडक़र […]

Categories
हमारे क्रांतिकारी / महापुरुष

जन्मजात दार्शनिक

स्वामी दयानन्द जन्मजात दार्शनिक थे, इस कारण नहीं कि वे प्रारम्भ से मूडी या उदासमुख थे, अपितु इस कारण कि भावी दार्शनिक की भांति बाल्यकाल से उनकी आत्मा में जीवन की जटिल समस्याओं का हल खोजने की ललक थी। इस प्रयोजन से उनके जीवन की दो घटनायें प्रस्तुत की जा रही हैं जो भविष्य में […]

Categories
हमारे क्रांतिकारी / महापुरुष

स्वाधीनता संग्राम की दो धाराओं के जनक महर्षि दयानन्द

भारत के स्वाधीनता संग्राम की शांतिधारा और क्रान्तिधारा दो धाराओं का अक्सर उल्लेख किया जाता है। शांतिधारा से ही नरम दलीय और गरम दलीय दो विचारधाराओं का जन्म हुआ-जन्म हुआ-ऐसा भी माना जाता है। महर्षि दयानन्द सरस्वती जी महाराज इन दोनों ही विचारधाराओं के जनक होने से भारतीय स्वाधीनता संग्राम के किस प्रकार ‘प्रपितामह’ हो […]

Exit mobile version
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking güncel giriş
betnano güncel giriş
betnano güncel giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meybet giriş
meybet giriş
betnano giriş
meritking giriş
meritking giriş
hititbet giriş
meybet
meybet
orisbet giriş
orisbet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
bettilt giriş
vdcasino giriş
bettilt giriş
hititbet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
milanobet giriş
hiltonbet giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
hiltonbet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
hititbet
hititbet
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino
vdcasino
hititbet
hititbet
hititbet
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet
hititbet giriş
betmarino
betmarino
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
norabahis giriş