इदन्नमम् का सार्थक प्रत्येक में व्यवहार हो इदन्नमम् की सार्थक जीवन शैली ही विश्वशांति और विश्व कल्याण की एकमात्र कसौटी है। अभी तक हमने इसी विषय पर पूर्व में भी कई बार अपने विचार स्पष्ट किये हैं। अब इस अध्याय में पुन: कुछ थोड़ा विस्तार से अपने विचार इस विषय पर रखे जा रहे हैं। […]
Month: September 2017
भगवद् भक्ति का लक्ष्य पीछे छूट गया
बिखरे मोती-भाग 194 गतांक से आगे…. भोजन वसन तन को दिये, सुंदर दिये आवास, भक्ति-रस ना दे सका, नहीं बुझी हंस की प्यास ।। 1127।। व्याख्या :-हाय रे मानव! तेरी मनोदशा देखकर मुझे करूणा आती है। पता नहीं कितने जन्मों के बाद तुझे यह नर-तन मिला है, इसे तो प्यारा प्रभु ही जानता है। इसीलिए […]
आवश्यकता है पत्रकारिता को पहचानने की
राकेश आर्य (बागपत) एक समय था जब हम किसी समाचार के लिए कहते थे कि अमुक बात समाचार पत्र में आई है, अत: इस पर शक करने की कोई गुंजाइश नहीं है, परंतु समय के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में भी गिरावट आई है और यहां भी कुछ पेशेवर लोग घुस आये हैं। ‘पत्रकारिता दिवस’ […]
खतरा बनते जा रहे हैं फर्जी बाबा
भारत में समस्या यह है कि इस तरह के बाबाओं से कैसे निपटा जाए, जबकि सरकारें उनका समर्थन कर रही होती हैं। ऐसे बाबा लोग भले ही एक बड़ा वोट बैंक बनाते हैं, परंतु वे राज व्यवस्था को ऐसी क्षति पहुंचाते हैं जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती है। लोकतंत्र मतदाताओं व दलों में सीधे […]
चमड़े को मृत पशुओं के शरीरों से उतारकर उसका जूते-जूतियां या अन्य वस्तुओं के बनाने में प्रयोग करने की कला भी विश्व में भारतीयों ने ही प्रचलित की। इसी प्रकार गौ-भैंस को दूहने की कला और उनके दूध से विभिन्न प्रकार के पेय या भोज्य-पदार्थ बनाना, दही, घी बनाना या निकालना आदि भी एक कला […]
पौराणिक मान्यतानुसार सृष्टि पालक भगवान विष्णु अब तक अधर्म के नाश के लिए नौ बार यथा मत्स्य, कुर्म (कच्छप), वाराह, नृसिंह (नरसिम्हा), वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध के रूप में धरती पर अवतरित हो चुके हैं और दसवीं बार भविष्य में कलियुग की समाप्ति पर कल्कि अवतार के रूप में अवतरित होंगे। इन सभी अवतारों […]
बाबाओं के पास जो भीड़ जमा होती है, उसके मूल में दुख है, अभाव है, गरीबी है या अशांति है। कोई बेटे से परेशान है, कोई बहू से, कोई नौकरी से, कोई जमीन के झगड़े में फंसा है और किसी को कोर्ट-कचहरी के चक्कर में जायदाद बेचनी पड़ गई है। या तो धन ही नहीं […]
मि. विन्सेंट ए. स्मिथ अपनी पुस्तक ”भारत एवं श्रीलंका की उत्तम कला का इतिहास” के पृष्ठ 22 पर सम्राट अशोक द्वारा स्थापित ‘अखण्ड स्तंभ’ के बारे में हमें बताते हैं-”इतने विशाल आकार के अखण्ड स्तंभ का ढालना, सजाना, खड़ा करना, इस बात का प्रमाण है कि अशोक के काल में इंजीनियर एवं पत्थर काटने वाले […]
कोरियाई इलेक्ट्रानिक्स कंपनी एलजी दुनिया के सबसे बड़े फोन बाजारों में से एक भारत के लिए नया फोन पेश करने की तैयारी में है. यह फोन ‘पूरी तरह भारतीय’ होगा. कंपनी इस फोन को दीवाली से पहले पेश करेगी. एलजी इलेक्ट्रोनिक्स इंडिया के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर अमित गुजराल ने बताया कि कंपनी भारतीय सोच और […]
मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी अपने तीन साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है. जहां विपक्ष दावा कर रहा है कि नोटबंदी इसके लिए जिम्मेदार है, वहीं जानकारों का मानना है कि जीडीपी में दर्ज हुई गिरावट का असली गुनहगार जीएसटी को लागू किए जानें की प्रक्रिया में एक पेंचीदा नियम […]