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राजनीति संपादकीय

अमित शाह की भाजपा कांग्रेस की राह पर

पांच राज्यों में टिकट बंटवारे को लेकर वैसे तो हर दल में इस समय मारामारी का माहौल है पर यह माहौल भाजपा में कुछ अधिक ही है। इसका एक कारण तो यह हो सकता है कि इस पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए टिकटों के सर्वाधिक दावेदार इसी पार्टी के मंच पर आये हैं। […]

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राजनीति संपादकीय

बापू चाचा की विरासत और राहुल गांधी

महाभारत में भीष्म पितामह युधिष्ठिर से कहते हैं :-”जो राजा सदा प्रजा के पालन में तत्पर रहता है, उसे कभी हानि नही उठानी पड़ती। भरत नंदन! तुम्हें तर्कशास्त्र और शब्दशास्त्र दोनों का ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। गांधर्व शास्त्र (संगीत) और समस्त कलाओं का ज्ञान प्राप्त करना आवश्यक है। तुम्हें प्रतिदिन ब्राह्मण ग्रंथ, इतिहास, उपाख्यान तथा […]

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संपादकीय

देश के सैनिकों की ‘मन की बात’

भारत की सेना की शानदार परंपरा रही है और इस शानदार परंपरा को हमारे वीर देशभक्त सैनिकों ने भूखे रहकर भी निभाने का हरसंभव प्रयास किया है। उन्होंने देश के दर्द को अपने प्राणों से भी अधिक प्राथमिकता दी है, और देश के दर्द के निवारण के लिए अपने अनेकों बलिदान दिये हैं। अपने दर्द […]

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मनु की राजव्यवस्था

मनु की राज्य व्यवस्था और रामभरत संवाद भाग-4

गतांक से आगे…….. एक अध्यापक को अपने उसी शिष्य से विशेष स्नेह होता है जो पढऩे में सदा अग्रणी रहता है, चरित्रवान है, आज्ञाकारी है। जबकि उस अध्यापक को अपने उस शिष्य से कोई स्वार्थ नहीं है पर फिर भी वह उसे ही अधिक स्नेह करता है तो केवल इसलिए कि वह शिष्य कत्र्तव्य परायण […]

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राजनीति

अखिलेश यादव अपने इतिहास को समझें

मुलायम सिंह यादव भारतीय राजनीति के एक धुरंधर खिलाड़ी रहे हैं। यह तो सब समय का फेर और कर्मों का फल है कि आज वह अपने ही दांव पर फंसे खड़े हैं। उनके आगे कुंआ है-तो पीछे खाई है। अब जाएं तो किधर जाएं, ना तो आड़े वक्त में मुस्लिम तुष्टिकरण काम आ रहा है […]

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भयानक राजनीतिक षडयंत्र

हिन्दू विरोध की चल रही है आत्मघाती नीति

हिन्दू इस भारतीय राष्ट्र की चेतना शक्ति का नाम है, इसकी आत्मा है। हिन्दुत्व उस प्रसुप्त शक्ति का नाम है जो इस राष्ट्र में राष्ट्रवाद की भावना को जगाकर सारे राष्ट्र को आंदोलित और चेतनामय करने की क्षमता और सामथ्र्य रखती है। भारत का यह दुर्भाग्य रहा कि इस प्रसुप्त शक्ति को सोई हुई शक्ति […]

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राजनीति संपादकीय

मणिपुर और गोवा विधानसभा चुनाव 2017

‘मणियों का नगर’ अर्थात मणिपुर भारतवर्ष के पूर्वोत्तर राज्यों में से एक महत्वपूर्ण राज्य है। मणिपुर का वास्तविक अर्थ है-‘एक आभूषित भूमि।’ इस प्रांत की राजधानी इम्फाल है। इसके पड़ोसी राज्य है-आसाम, मिजोरम एवं नागालैंड। जबकि पड़ोसी देश है म्यांमार (बर्मा) इस प्रांत का क्षेत्रफल 22,327 वर्ग किमी. है। मणिपुर की जनसंख्या 27,21,756 वर्ष 2011 […]

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राजनीति संपादकीय

पंजाब और विधानसभा चुनाव 2017

संस्कृत में पंच का अभिप्राय पांच से होता है और आप: का अभिप्राय पानी होता है। पंच + आप: से मिलकर पंजाब बन गया। फारसी में पंज पांच का और आब पानी का पर्यायवाची है। स्पष्ट है कि ये दोनों शब्द संस्कृत के ही अपभ्रंश हैं। पंजाब का अर्थ है पांच नदियों का प्रदेश। यह […]

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राजनीति संपादकीय

उत्तराखण्ड और विधानसभा चुनाव

भारत के जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं-उनमें से उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर हम प्रकाश डाल चुके हैं। अब आते हैं उत्तराखण्ड पर। उत्तराखण्ड 9 नवंबर 2000 से पूर्व उत्तर प्रदेश का ही एक अंग रहा है। पुराणों में इसका प्राचीन नाम केदारखण्ड एवं मानस खण्ड मिलता है। केदार […]

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संपादकीय

चुनावी बिगुल और उत्तर प्रदेश

पांच राज्यों के लिए विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है। जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, उनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, पंजाब, गोवा और मणिपुर हंै। इन सबमें सबसे अधिक महत्वपूर्ण प्रदेश उत्तर प्रदेश ही है। यहां पिछले पांच वर्ष से समाजवादी पार्टी का शासन है। यह प्रदेश जनसंख्या की दृष्टि से […]

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