गतांक से आगे…….. यह मिलन पारिवारिक है दो भाईयों का मिलन है, पर इसमें चर्चा ऐसी चली है कि जो परिवार को भी और समाज व राजनीति को भी कुछ संदेश दे रही है कि अपने से छल करने वालों के प्रति भी सहज और सरल रहो, वर्तमान में जीओ, और आये हुए अतिथि का […]
Month: January 2017
दिल्ली को ‘स्वर्ग’ बनाने के पश्चात दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल अब पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के सपने देखने लगे हैं। हम उनके इन सपनों को मुंगेरीलाल के हसीन सपने नहीं कहेंगे, क्योंकि सपने देखना हर व्यक्ति नैसर्गिक अधिकार है, और लोकतंत्र व्यक्ति के सपनों का न केवल सम्मान करता है, अपितु उन्हें साकार कराने […]
इस समय सभी प्रदेश वासियों के मन मस्तिष्क में एक ही प्रश्न कौंध रहा है कि इस बार प्रदेश के सिंहासन का स्वामी कौन बनने जा रहा है? सपा के कलह ने राजनैतिक समीकरणों को कुछ हिलाया तो है, पर इस सारे घटनाक्रम से अखिलेश यादव जिस प्रकार निपटे हैं और उन्होंने अपनी सपा को […]
इधर हम सभी नोटबंदी और उत्तर प्रदेश में सपा की नौटंकी देखने में व्यस्त रहे और उधर जम्मू कश्मीर की विधानसभा में नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस ने एक बार पुन: राष्ट्रगान का अपमान कर डाला। इधर हम पांच राज्यों के चुनावों की तैयारियां कर रहे हैं और उधर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला […]
योग का वास्तविक रूप- भाग 3
भाइयों बहनों! योगी महान होता है वह पाप पुण्य कर्मों से रहित होता है। कहा भी है – कर्माशुक्लाकृष्ण योगिनस्त्रिविधमितरेषाम्*॥योग दर्शन।कैवल्यपाद। 7॥ योगी का कर्म पाप पुण्य से रहित होता है, अन्य अयोगी व्यक्तियों का तीन प्रकार का होता है। अर्थात् पुण्य, पाप व निष्काम कर्म। अत: हम सभी को योग को अपनाना चाहिए। जैसा […]
नए साल का आगाज आनंद से हो, उन्माद से नहीं
बस आज का दिन और, और यह साल भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा। उत्साह और उमंग से शुरू हुए साल 2016 का समापन भी उल्लासपूर्ण ही होगा। तैयारियां सभी ने अपने स्तर पर की हैं। जहां पर्यटन से जुड़े लोग कई तरह के पैकेजों की घोषणा करके लुभा रहे हैं, वहीं औद्योगिक […]
निजता में नाहक घुसपैठ का अंतहीन सिलसिला
अपनी चिंता छोड़ पड़ोसी के विषय में ‘सामान्य ज्ञान’ हासिल करना, दूसरों के चरित्र या उसके कार्यकलापों की जानकारी रखना अथवा किसी की पोशाक या खान-पान जैसी अति व्यक्तिगत बातों तक पर अपनी नजरें रखना गोया हमारे समाज की ‘विशेषताओं’ में शामिल हो चुका है। समाज का यही स्वभाव जब व्यापक रूप धारण करता है […]
हमारे देश में प्रजातंत्र की मजबूत जड़ों के होने की बात अक्सर कही जाती है, पर जब हम उत्तर प्रदेश में हो रही राजनीति की वर्तमान दुर्दशा के चित्रों को बार-बार घटित होते देखते हैं, तो यह विश्वास नहीं होता कि भारत में प्रजातंत्र की गहरी जड़ें हैं। उत्तर प्रदेश सहित कई प्रदेशों को कुछ […]
निरंजन परिहार लालू यादव भले ही देश को याद दिला रहे हो कि 31 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए किसी चौराहे का इंतजाम कर लीजिए। लेकिन सवाल न तो किसी चौराहे का है और ना ही प्रधानमंत्री द्वारा गोवा से देश को दिए संदेश में उनके 50 दिन में सब कुछ ठीक हो […]
आम आदमी को लेकर हो रही राजनीति
बाल मुकुंद ओझा आम आदमी आजकल सर्वत्र चर्चा में है। राजनीतिक दलों के लिए आम आदमी शब्द की अपनी व्याख्या है। नेता लोग गाहे-बगाहे आम आदमी पर भाषण झाड़ते रहते हैं। चुनाव के दिनों में आम आदमी सबका प्रिय हो जाता है, सबको उसकी फिक्र सताने लगती है! सत्तारूढ़ दल जहां आम आदमी के विकास […]