डॉ. सुभाष रस्तोगी विभाजन निस्संदेह इस उपमहाद्वीप की सबसे बड़ी भयावह त्रासदी थी, जिसमें लगभग डेढ़ करोड़ लोग उजड़े, आठ से दस लाख लोग नृशंस कत्लोगारत का शिकार हुए। इन्सानियत इतनी शर्मसार हुई कि उसे मुंह तक छिपाने के लिए ठौर नहीं मिला। प्रत्येक धर्म, संप्रदाय, मजहब की इसमें बराबर की भागीदारी थी। भारतीय उपमहाद्वीप […]
Month: July 2015
भूमि विधेयक पास कराये विपक्ष
देवेन्द्र सिंह आर्य बहुत देर से चर्चा का विषय बना भूमि विधेयक को लेकर अभी भी संशय की स्थिति बनी हुई है। सरकार और विपक्ष दोनों के लिए यह विधेयक प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुका है। विपक्ष इस विषय में पीछे हटने को या सरकार का साथ देने को तैयार नही लगता, यद्यपि सरकार इस […]
क्रांतिकारियों को नही थी पसंद चाटुकारिता देश के क्रांतिकारी आंदोलन की विचारधारा में विश्वास रखने वाले लोगों ने ‘जन-गण-मन अधिनायक जय हे’ के गीत को लेकर गुरूदेव रविन्द्रनाथ टैगोर की आलोचना करनी आरंभ कर दी थी। इसका कारण केवल यह था कि हमारे स्वातंत्र्य समर की क्रांतिकारी विचारधारा के लोगों के लिए ‘अधिनायक’ जैसा शब्द […]
कांग्रेस के दूसरे अधिवेशन के अध्यक्षीय भाषण का अंत डब्ल्यू.सी. बनर्जी ने इस शब्दों में किया था-”अंग्रेजी राज की कृपापूर्ण घनी छांह में देश को अनेकानेक लाभ प्राप्त हुए।” अधिवेशन का प्रारंभ भी इसी प्रार्थना से हुआ था कि ब्रिटेन की महारानी दीर्घायु हों और स्वस्थ हों। कांग्रेस के द्वितीय अध्यक्ष दादा भाई नौरोजी ने […]
भारतवर्ष है देश हमारा, कर रहा विश्व प्रकाशित हमारा।हिमगिरि जहॉ का श्ीाश मुकुट है, जंगल सारे हरे विकट है।।शेर चीता अरू दुर्लभ प्राणी, जंगल में करते मनमानी।नही यहॉ उन्हे कोई डर है, भारत न्यारा देश अमर है।। गंगा जैसी नदियॉ बहती, बनो निडर यह सब को कहती।भारत की है न्यारी शान, झंडा तिरंगा इसकी आन।।शेर, […]
बात का धनी नहीं है पाकिस्तान
सुरेश हिन्दुस्थानीभारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से किए वादे से पाकिस्तान एक बार फिर पलट गया है, इससे पाकिस्तान के आतंकवाद के रवैये के बारे में यह साफ प्रमाणित होता है कि पाकिस्तान हमेशा आतंकवादियों के हित के लिए ही काम करता है। इस बात से यह भी भारत सहित अन्य देशों को यह भी समझ […]
बतला जीवन के आधार इसे, हैं मिट्टी, पानी और बयार।यदि रहा यह दूषण जारी, कैसे बचेगा यह संसार? क्या कभी उन्नत मानव ने, यह सोचकर देखा। निकट है काल की रेखा गुरूग्रंथ, बाइबिल, वेदों ने, तुझे प्रेरित किया अहिंसा को।वसुधा को कुटुम्ब बताया था, फिर अपनाया क्यों हिंसा को? जीवन के उच्चादर्शों की, निर्दयता से […]
रोजा इफ्तार के बहाने सियासत
मृत्युंजय दीक्षितजब रमजान का पवित्र माह प्रारम्भ होता है और ईद का अत्यंत पवित्र पर्व नजदीक आता जाता है वैसे -वैसे देश के तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दल अपनी राजनीति को नये सिरे से चमकाने के लिये रोजा इफ्तार का सहारा लेकर मुसलमानों को बेवकूफ बनाने के लिए जुट जाते हैं। विगत 65 वर्षो से कांग्रेस व […]
एक बार देवी-देवता ऋषि-मुनि एवं ऋतुओं में वाद-विवाद होने लगा। आपस में सभी एक दूसरे से अपने को बड़ा एवं महान मानते थे। आपस में निर्णय न होने पर वेद भगवान के न्यायालय में सभी उपस्थित हुए। अपनी अपनी प्रतिष्ठा के अभिलाषी देवतादि भगवान वेद के न्याय की प्रतीक्षा करने लगे। भगवान वेद के आदेश […]
वर्षा शर्मा दांत हमारे शरीर का वह हिस्सा हैं जिनके बिना हम भोजन की कल्पना नहीं कर सकते। हम सभी हमेशा यह चाहते हैं कि हमारे दांत स्वस्थ व मजबूत रहें। दांतों की देखभाल की जितनी जरूरत होती है उतनी ही जरूरत मसूढों की देखभाल की भी होती है क्योंकि मसूढ़े जितने मजबूत होते हैं […]