डॉ0 वेद प्रताप वैदिक जवाहरलाल नेहरू से लेकर अब तक जितने भी प्रधानमंत्री हुए हैं, उन सबके भाषण सुनने का और नेहरूजी और शास्त्रीजी के अलावा सभी प्रधानमंत्रियों से निकट संपर्क का मौका मुझे मिला है, लेकिन जो सपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जगाए हैं, मुझे याद नहीं पड़ता कि किसी और प्रधानमंत्री ने कभी […]
Month: June 2014
तुम डाल-डालः हम पात-पात!
डॉ0 वेद प्रताप वैदिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों को जैसी हिदायतें दी है, वैसी किसी भी प्रधानमंत्री ने आज तक अपने मंत्रियों को नहीं दी हैं। मंत्री और सांसद, अपनी संपत्ति का ब्यौरा प्रधानमंत्री को दें, यह अब घिसी-पिटी बात हो गई हैं। यों तो चुनावी उम्मीदवार के तौर पर आजकल सभी सांसदों […]
मुजफ्फर हुसैनगतांक से आगे…….सन 1951 में एक हजार भारतीय पीछे 430 दुधारू पशु थे, 1961 में चार सौ, 1971 में 326 1971 में 278, 1991 में 202 और 2001 में उनकी संख्या मात्र 110 रह गयी। इस हिसाब से पशुओं का घटना जारी रहा तो 2011 में यह संख्या केवल बीस प्रतिशत रह गयी।जो भैंसे […]
गतांक से आगे…..बस, आकाशस्थ ऋषियों का इतना ही वर्णन करना है। इसके आगे अब यह दिखलाना है कि शरीरस्थ इंद्रियों को भी ऋषि कहा गया है। यजुर्वेद में लिखा है कि-सप्तऋषय: प्रतिहिता: शरीरे सत्प रक्षन्ति सदमप्रमादम।सप्ताप: स्वपतो लोकमीयुस्तत्र जागृतो अस्वप्नजौ सत्रसदौ च देवौ।अर्थात शरीर में सात ऋषियों का वास है उनके सोने पर भी दो […]
बिखरे मोती भाग-53
दिव्यता से सौम्यता मिलै, ये साथ चले श्रंगारगतांक से आगे….सजा सके तो मन सजा,तन का क्या श्रंगार।दिव्यता से सौम्यता मिलै,ये साथ चले श्रंगार ।। 628 ।। भावार्थ यह है कि अधिकांशत: लोग इस नश्वर शरीर को ही सजाने में लगे रहते हैं जबकि उनका मन छह विकारों काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार और ईष्र्या तथा […]
भारत-चीन के दोस्ती के बढ़ते कदम
डॉ0 वेद प्रताप वैदिक चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भारत आकर हमारी विदेश नीति के एक खाली कोने को भर दिया। नरेंद्र मोदी ने अपने शपथ-समारोह में पड़ौसी देशों के बड़े नेताओं को बुलाया था लेकिन चीन के किसी नेता को नहीं बुलाया। क्या चीन हमारा पड़ौसी नहीं है? वह तो हमारा सबसे […]
हवाई किले और आम जनता
डॉ0 वेद प्रताप वैदिक राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के मुंह से यह सुनकर कितना अच्छा लग रहा था कि यह ‘मेरी सरकार’ है। प्रणब दा के अलावा कोई और व्यक्ति नरेंद्र मोदी की सरकार को ‘मेरी सरकार’ कह देता तो इतना अजूबा नहीं होता। जो प्रणब दा पिछले चालीस साल से नेहरु परिवार के सिपाही थे, […]
पुण्य प्रसून वाजपेयी आजादी के बाद पहली बार प्रचारक का आदर्शवाद प्रधानमंत्री की ताकत से टकरा रहा है। देखना यही होगा कि प्रचारक का राष्ट्वाद प्रधानमंत्री की ताकत के सामने घुटने टेकता है या फिर प्रधानमंत्री की ताकत का इस्तेमाल प्रचारक के राष्ट्रवाद को ही लागू कराने की दिशा में बढता है । नेहरु के […]
इसे कहते हैं “नमो” …..
नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बनी सरकार के सभी मंत्रियों को अपनी संपत्ति या देनदारी का ब्याेरा दो महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपना होगा। इसके अलावा, मंत्रियों को कहा गया है कि वे अगर सरकार में अपनी नियुक्ति होने से पहले किसी कारोबार के प्रबंधन से जुड़े थे तो उससे सभी तरह के […]
संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का संक्षिप्त अंश 1. जमीन के हेल्थ कार्ड से किसानों को फायदा होगा।2. कुपोषण से लड़ाई लड़नी है, तो दालों का उत्पादन बढ़ाने और उसमें प्रोटीन कंटेंट बढ़ाने में सफलता पानी होगी।3. हम सदियों से कहते हैं कि हमारा देश कृषि प्रधान और गांवों का देश हैं। […]