सोशल वेबवाइट FB यानी facebook चलाने वालों मे एक फीसदी लोगों को भी यह पता नहीं होगा कि इसके फाउंडर मार्क जुकरबर्ग नहीं बल्कि अप्रवासी भारतीय दिव्य नरेंद्र है। दिव्य नरेंद्र हिंदुस्तानियों के लिए ज्यादा जाना-पहचाना नाम नहीं है। महज 29 साल के दिव्य नरेंद्र अमरीका में रहने वाले अप्रावासी भारतीय हैं। उनके माता-पिता काफी […]
Month: December 2013
राष्ट्रीय (तथा कथित) सलाहकार (एनएसी) द्वारा सोनिया गांधी की अध्यक्षता में 2011 में साम्प्रदायिक व लक्ष्यित हिंसा रोधक विधेयक का प्रारूप तैयार किया गया है। इसे अब संसद के आगामी सत्र में प्रस्तुत करने की योजना है। शीर्षक देखकर आम आदमी समझेगा कि इसके द्वारा साम्प्रदायिक हिंसा को रोकने तथा उसके लिए दण्ड दिये जाने […]
आज का चिंतन-07/12/2013
हम क्यों हो गए हैं इतने अधीर और आतुर – डॉ.दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हम सारे के सारे इन दिनों जबर्दस्त अशांत, उद्विग्न और अधीर हैं। जो लोग समरांगण में हैं उनके लिए ऎसा होना वाजिब है लेकिन जो तमाशबीन हैं या जिन्हें इस रण से कोई सीधा सरोकार नहीं है अथवा परिणामों से रूबरू […]
स्वयंभू मठाधीशों के मठ तोड़ने का समय
राजीव रंजन प्रसादतहलका प्रकरण किसी एक व्यक्ति या एक संस्था पर प्रश्नचिन्ह नहीं है। यह गढ़ों और मठों के टूटने की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण घटना है। वैचारिक असहिष्णुता और विचारधारात्मक अस्पृश्यता के वातावरण में जब यह घटना घटी तो अनायास ही इसके सम्बन्ध समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र और राजनीतिशास्त्र से जुड़ने लगे। एक आम अपराधी […]
आज का चिंतन-06/12/2013
संस्कारहीनता ही है समस्याओं की जड़ – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com मनुष्य के रूप में पैदा हो जाना और मनुष्यता होना दो अलग-अलग बातें हैं। मनुष्य का शरीर कोई भी प्राप्त कर सकता है लेकिन उसमें मनुष्यता हो ही, यह जरूरी नहीं है। इंसानियत अपने साथ मनुष्य होने के गुण-धर्म लेकर आती है और […]
आर्यसभ्यता का उज्जवल स्वरूपआर्यसभ्यता का उज्ज्वल स्वरूप तो आश्रमों में ही दिखलाई पड़ता है, जहां कि आर्यों का तीन चतुर्थांश भाग सादे और तपस्वी जीवन के साथ विचरता है और एकचतुर्थांश भाग उसी तीन चतुर्थांश भाग की सेवा में लगा रहता है। इसी तरह आर्य सभ्यता का आपत्कालिक रूप वर्णों में दिखलाई पड़ता है जो […]
आज का चिंतन-05/12/2013
नालायक लोग बिगाड़ते हैं रचनात्मक कामों का संतुलन – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com घर-परिवार या समाज की बात हो या फिर अपने क्षेत्र की, हर तरफ रचनात्मक गतिविधियों और कल्याणकारी प्रवृत्तियों का दौर हर युग में रहा है और रहेगा। अच्छे लोग हर युग में रहे हैं और अच्छे काम भी। समाज को जिस […]
आज का चिंतन (04/12/2013)
अपना मूल्यांकन खुद करे […]
बिखरे मोती-भाग 29
एक सुपुत्र के तेज तै, कुल की ख्याति होयपत्नी का हो बिछुड़ना,बन्धु से अपमान।बिना आग जलता रहे,पल-पल हो परेशान ।। 433।। नदी किनारे का वृक्ष हो,पर घर नारी-वास।शीघ्र नष्टï हो जाएंगे,मत करना विश्वास । 434।। कोयला का सौंदर्य स्वर,तपस्वी का क्षमाशील।विद्वत्ता है कुरूप का,नारी का लज्जाशील । 435।। पुरूषार्थ बचावे दरिद्रता,प्रभु-नाम बचावे पाप।मौन बचावे क्लेश […]
दी लीजेंड ऑफ झंडा
सुशील भाटीब्रिटिशराज के दौरान भारत में बहुत से लोगों ने अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचारों और शोषण के खिलाफ संघर्ष किया और अपने प्राणों तक की आहूति दे दी। इनमें से बहुत से बलिदानियों को तो इतिहास में जगह मिल गयी परंतु कुछ के तो हम नाम भी नही जानते। ब्रिटिश साम्राज्य के विरूद्घ आम आदमी […]