सत्पुरूषों का संग भी, कोई पुण्य का है प्रभात ज्यों-ज्यों हम बूढ़े हुए, तृष्णा हुई जवान। भोग लिया हमें भोग ने, ये देख हुए हैरान।। 401।। आंखों से दिखता नहीं, शिथिल हुए सब अंग। मृत्यु से डरता फिरै, कितना होवै तंग ।। 402।। जैसे जल-कण कमल पर, तैसेई तन में प्राण। मृत्यु का […]
Month: November 2013
गीता का अनमोल गीत भारत की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत है। विश्व का कोई भी धर्म ग्रंथ इतने जीवनप्रद और ज्ञानप्रद संवादों को समाविष्ट कर ‘युद्घभूमि’ में खड़े होकर नही लिखा गया। सचमुच युद्घ में भी ‘जीवन और ज्ञान’ का उपदेश करना अनुपम और अद्वितीय है। क्योंकि जब सामने शत्रु सेना युद्घ के लिए उद्यत हो, […]
दीपावली का पर्व हजारों टन कार्बनडाईऑक्साइड पर्यावरण में घोलकर चला गया है। मैं प्रात:काल यज्ञ पर बच्चों को बता रहा था कि इस पर्व पर पटाखे छोड़ना मानव स्वास्थ्य के लिए और मानव समाज के लिए कितना घातक है? और उन्हें पटाखे क्यों नही छोड़ने चाहिए? बच्चों ने मेरी बात को ध्यान से सुना और […]
आज का चिंतन-12/11/2013
बुढ़ापे से बचाएँ बच्चों को – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com बचपन से लेकर पचपन और सत्तर पार तक परिश्रम का महत्त्व सर्वविदित है। जो जितना अधिक परिश्रम करता है उतना अधिक स्वस्थ और मस्त रहता है। परिश्रम से शरीररस्थ हवाओं, रक्त परिसंचरण तंत्र, नाड़ियों, स्नायुतंत्र और हड्डियों से लेकर सभी प्रकार के अंगों-उपांगों को […]
आज का चिंतन-10/11/2013
देश और समाज पर भार हैं बिना काम-काज के व्यस्त आदमी – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com कोई काम नहीं, फिर भी अपने आपको ऎसा दिखाते हैं जैसे कि उनके पास इतने सारे काम हैं कि बस, सारे काम उन्हीं को करने पड़ते हैं, वे न होते तो कोई काम होता ही नहीं। बहुत […]
इस्लाम और जीव दया-4
गतांक से आगे… विद्वान मौलाना ने जानवरों के प्रति इस्लाम किस तरह से सजग है और दया का भाव रखता है, इसे कुरान की आयतों से और हदीसों से समझाने का प्रयास किया है। मसअरी कहते हैं-इसलाम में जानवर को मारते समय कुछ सख्त हिदायतें दी गयीं हैं। मारते समय किस तरह और किन बातों […]
आज का चिंतन-09/11/2013
रोबोट न बनाएं बच्चों को सेहत के बिना बेकार है ये जिन्दगी – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com वर्तमान पीढ़ी के शारीरिक सौष्ठव को देख कर कहीं नहीं लगता कि हम स्वस्थ और मस्त हैं। अति दुर्बल यश अति स्थूल होती जा रही इस पीढ़ी के भरोसे नौकरी-धंधों को तो पाया जा सकता है कि […]
गाय का दूध और हमारा स्वास्थ्य
राकेश कुमार आर्यगाय का दूध मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए अमृत माना गया है। आजकल तनाव का रोग बहुत मिलता है, इसका प्रभाव हमारी स्मरण शक्ति पर भी पड़ता है। तनाव के कारण अथवा चिड़चिड़ाहट मानसिक दुर्बलता, शारीरिक थकान, कार्य की अधिकता, मस्तिष्क में अपेक्षा से अधिक कार्यों को समेटकर रखने की हमारी प्रवृत्ति के […]
आज का चिंतन (08/11/2013)
सब कुछ हो गया कामचलाऊ न गुणवान रहे, न गुणग्राही – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com व्यक्तित्व विकास में परफेक्शन अर्थात पूर्णता वह शब्द है जो हर पहलू से जुड़ा है और इसी के आधार पर हमारे व्यक्तित्व का समग्र मूल्यांकन किया जाता है। व्यक्तित्व का विकास हमारी शिक्षा-दीक्षा, संस्कारों और गुणों पर निर्भर करता […]
आज का चिंतन (07/11/2013)
आपराधिक मानसिकताग्रस्त होते हैं नकाब और काले शीशों के कद्रदान – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com अंधेरों को वे लोग ही हमसफर बनाते हैं जिन्हें अँधेरा पसंद होता है। इन लोगों की ऊर्जाएं और बुद्धि तभी काम करती है जब अँधेरों का साथ हो। अंधेरा पसंद लोगों की मानसिकता का थोड़ी गंभीरता से अध्ययन […]