दूर रहें उन लोगों सेजो मोबाइल कचरा पात्र हैं – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077dr.deepakaacharya@gmail.com यह जरूरी नहीं कि कचरा पात्र स्थिर पड़े रहने वाले ही हों जिन्हें खाली करने के लिए किसी ओर को मशक्कत करनी पड़े। आजकल जहाँ-तहाँ बिखरे पड़े कचरा पात्रों की ही तर्ज पर आदमियों की एक नई प्रजाति खूब चलन में है […]
Month: October 2013
प्रमोद भार्गवगाजियाबाद। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के ऐलान के साथ चुनावी शंखनाद हो गया। ये निर्वाचन दो चुनाव सुधारों की छाया में संपन्न होंगे, इसलिए पिछले चुनावों की तुलना में अनूठे होंगे। ये दोनों ही सुधार सर्वोच्च न्यायालय की दृढ़ता के चलते निर्वाचन प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बने हैं। अदालत द्वारा जनप्रतिनिधित्व कानून की […]
आज का चिंतन-18/10/2013
सभी की जिन्दगी में रहता है मलाल कुछ काम नहीं कर पाने का – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com जो लोग दुनिया में आते हैं उन सभी के लिए कर्मयोग का विस्तृत दायरा होता है। कुछ लोग सीमित दायरों में रहकर नाम कमा जाते हैं और कुछ ऎसा कर जाते हैं कि दुनिया उन्हें युगों […]
मनुज धर्म और पशु
मैं प्रात:काल भ्रमण कर रहा था। मैंने देखा-सड़क के एक किनारे पर दो कुत्ते एक दूसरे के लिए गुर्रा रहे थे। कुछ ही क्षणों में एक कुत्ते ने सहम कर अपनी गर्दन नीची कर ली और अपनी पूंछ पिछली टांगों के बीच में दे ली। दूसरा बलशाली कुत्ता सहमे हुए कुत्ते के ‘आत्मसमर्पण’ के भाव […]
आज का चिंतन-17/10/2013
नालायक और धूत्र्त होते हैं कामों के बोझ का राग अलापने वाले – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आजकल कामों से जी चुराने वालों की तादाद हर तरफ बढ़ती ही जा रही है। हमारे यहाँ भी ऎसे लोगों की कोई कमी नहीं है जिनके लिए पूरी जिन्दगी एक ही बहाने भर से निकल जाती […]
आर्यभट्ट-भारत, अप्रैल 1975 में अंतरिक्ष युग में प्रविष्ट हुआ। 19 अप्रैल, 1975 को सोवियत संघ के रॉकेट छोड़ने के एक केन्द्र से भारत ने पहला उपग्रह आर्यभट्ट अंतरिक्ष में भेजा। इस उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजकर भारत अंतरिक्ष में उपग्रह भेजने वाला 11वां बन गया। आर्यभट्ट का निर्माण भारतीय इंजीनियरों ने किया था। भास्कर-1 भारत […]
आज का चिंतन-16/10/2013
वैचारिक धरातल ही है जीवन निर्माण का मूलाधार – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com मनुष्य का चरित्र और व्यवहार न सिर्फ मस्तिष्क और मन को प्रभावित करता है बल्कि जैसी हमारी मानसिकता होती है उसी के अनुरूप शरीर आकार पा लेता है अथवा जैसा आकार होता है उसके अनुरूप मन-मस्तिष्क की धाराएँ बहने लगती हैं। […]
खगोलीय पिंड और हमारा जीवन
सुरेन्द्र प्रसाद राय खगोलीय पिंडों, जैसे सूर्य, चंद्रमा, ग्रहों आदि के महत्व को ध्यान में रखते हुए इनकी पूजा सदियों से प्रचलित है। सूर्य को हम अर्घ्य देते हैं जिसका लाभ आगे स्पष्ट किया गया है। इनके योगदानों पर प्रकाश डालने से पूर्व हम विभिन्न खगोलीय पिंडों पर दृष्टिपात करेंगे। असीम ब्रह्मांड में 3000 मंदाकिनियां […]
हिंदू राजनीति विषय से आशय हिंदू तंत्र अथवा हिंदू राज्य शास्त्र (Hindu Polity-Hindu Politics) से है। यह विषय अति व्यापक एवं दुरूह है। इस विषय के बहुत से प्राचीन ग्रंथ काल के प्रवाह में विलुप्त कर दिये गये हैं। विदेशी आक्रामकों द्वारा अनेक विशाल पुस्तकालय जलाकर राख कर दिये गये। जो दुर्लभ ग्रंथ किसी प्रकार शेष […]
बिखरे मोती-भाग 22
किंतु साधु के संग में, कर देवों सा व्यवहार मन्यु पीने से अभिप्राय है-क्रोध को पीना, क्रोध का शमन करना, शांति और क्षमा भाव को प्राप्त होना। यदि कोई व्यक्ति क्रोध के वशीभूत रहता है तो उसका शरीर मानसिक और शारीरिक रोगों का घर बन जाता है। धनिक होय रोगी रहै,वो नर मरे समान।धन से […]