लॉर्ड मैकाले ने 1830 में अपनी शिक्षा प्रणाली को भारत में लागू करके अपनी मां के लिए एक पत्र में लिखा था कि अगले 30 वर्ष में भारत में कोई मूर्ति पूजक नहीं रहेगा। लार्ड मैकाले का आशय स्पष्ट था कि आने वाले तीस वर्षों में भारत को काले अंग्रेजों के माध्यम से ही परास्त […]
Month: July 2012
चीन: एक धोखेबाज पड़ोसी
चीन इस समय बाढ़ और सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहा है। वहीं उसके एक प्रमुख प्रांत में लोकतंत्र की मांग पुन: जोर पकड़ती जा रही है। चीन की कम्युनिस्ट विचारधारा देश के हर व्यक्ति की समस्या का समाधान करने में असफल सिद्घ हो चुकी है। मुझे याद आता है कि रूस के राष्ट्रपति […]
यू.पीए. की ओर से सोनिया गांधी ने उपराष्ट्रपति पद के लिए निवर्तमान उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को ही अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। हामिद अंसारी का दूसरी बार इस पद के लिए उम्मीदवार बनना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वह राष्ट्रपति पद के कितने प्रबल दावेदार थे। उनकी पत्नी ने अजमेर की दरगाह […]
मैं अभी एक कोयला आधारित ताप विद्युत गृह के निर्माण कार्य में लगा हू और मेरा दोस्त सूर्य उर्जा घर बनाने में लगा है, ताप विद्युत घर मे–1- सिर्फ 12 वर्ग किमी की जमीन प्लांट बनाने के लिए लिया गया है, और कालोनी, रोड, कोयला ढोने के लिए रेल के लिए, पानी के लिए पैप […]
केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम पुन: विपक्ष सहित टीम अन्ना के निशाने पर आ रहे हैं। स्पेक्ट्रम पर गठित मंत्री समूह (जीओएम) की अध्यक्षता हेतु केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार के पैर खींचने के बाद पी चिदंबरम को इसका मुखिया बना दिया गया है। हालांकि सरकार ने इस नए मंत्रिमंडल समूह के अधिकार कम कर दिए […]
प्रवीण गुगनानीआरक्षण और पिछ्ले दिनों आन्ध्रप्रदेश उच्च न्यायलय ने एक एतिहासिक और साहसिक फैसले को सुनाते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा पिछडो के लिये रखे गये 27 त्न आरक्षण में से 4.5 त्न आरक्षण अल्पसंख्यकों को देने का प्रस्ताव गलत है । पिछड़ी जातियों के लिये आरक्षित 27 त्न आरक्षण में 4.5 त्न की […]
द ग्रैंड ओल्डमैन आफ इंडिया के नाम से मशहूर दादा भाई नौरोजी ब्रिटिश संसद में चुने जाने वाले पहले एशियाई थे। संसद सदस्य रहते हुए उन्होंने ब्रिटेन में भारत के विरोध को प्रस्तुत किया। दादा भाई नौरोजी ने भारत की लूट के संबंध में ब्रिटिश संसद में ड्रेन थ्योरी पेश की। इस ड्रेन थ्योरी में […]
महान संसद विद थे चंद्रशेखर
8 जुलाई को चन्द्रशेखर जी को गए पांच साल हो गए। अगर होते तो 85 साल के हो गए होते। उनको लोग बहुत अच्छा संसदविद कहते हैं । वे संसद में थे इसलिए संसदविद भी थे लेकिन लेकिन सच्चाई यह है कि वे जहां भी रहे धमक के साथ रहे और कभी भी नक़ली जि़ंदगी […]
लोकतंत्र के राज में
बातें करते किसी और की,और किसी से नाता है।नेताओं को हाथ जोडऩा,भाषणा करना आता है।।तोड़ फोड़ में सिद्घ हस्त हैं,कानूनों को तोड़ रहे हैं।दलबदलू हैं अपने नेता,जब चाहें दल छोड़ रहे हैं।कुर्सी इनकी मात-पिता है,कुर्सी के गुण गाते हैं।मतलब पड़े तो अपने नेता,गधे को बाप बनाते हैं।दंगा करवाने में माहिर,जब चाहें दंगा करवा दें।बने रहें […]
यूनान के महान दार्शनिक प्लेटो का जन्म एथेंस में 427 ई.पू. में हुआ था। प्लेटो का जन्म एक प्रसिद्घ तथा अमीर घराने में हुआ था। बीस वर्ष की आयु में वे महान दार्शनिक सुकरात के संपर्क में आए और सुकरात की विलक्षण प्रतिभा से प्रभावित होकर उन्होंने अपने व्यक्तित्व को सुकरात के व्यक्तित्व में लीन […]