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कविता

क्या वह मनुष्य था ?

क्या वह मनुष्य था ? मनुष्य की शक्ल में खड़ा सभी मनुष्य नहीं होते मनुष्यता देवत्व का आकार सत्य, सेवा ,सद्विचार, पहचान। जिसने माता-पिता की हत्या की जिसने बच्चे ,बूढ़े ,संतों की देशभक्तों की सैनिक पुत्रों की मात्र चंद धन प्राप्त करने हेतु। देश बेचते हैं शत्रुओं के हाथ राष्ट्र को हानि पहुंचाने रचते जाल […]

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इतिहास के पन्नों से

भारत के वर्तमान संविधान के लिए ‘संविधान निर्माता’ डॉ आंबेडकर ने कहा था कि यदि मेरा वश चले तो मैं इसे जलाने वाला सबसे पहला व्यक्ति होऊंगा

भारत की संविधान के निर्माता डॉ. अंबेडकर इस संविधान को जला देना चाहते थे? अभिरूप दाम जिस समय यह लिखा जा रहा है, उस समय भारतीय संसद में मानो बमबारी हो रही है।   ना-ना, किसी विधेयक या अध्यादेश पर हंगामा नहीं हो रहा है।ये सब उस किताब को लेकर हो रहा है जिससे हमारे […]

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भारतीय संस्कृति

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सेवा कार्य देखना है तो एक बार नागपुर अवश्य आएं

  तरुण विजय वेदना और संवेदना से एक संकल्प उपजा कि कैंसर पीड़ित रोगियों के लिए विश्व स्तर का श्रेष्ठ चिकित्सा संस्थान बनाना चाहिए, जहाँ रोगियों से न्यूनतम शुल्क लेकर श्रेष्ठतम चिकित्सा की सुविधा दी जा सके। बीस वर्ष से वे इस संकल्प को कार्यरूप में परिणत करने के लिए जुटे रहे। जो संघ को […]

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देश विदेश

बर्मा के सांसदों ने भी ली भारत में शरण

  सीके/एए (रॉयटर्स) म्यांमार से सिर्फ आम लोग और पुलिस वाले ही नहीं, सांसद भी सीमा पार कर भारत की शरण में आ गए हैं। इनमें से अधिकतर सांसदों ने मिजोरम में शरण ली है जिसकी सीमा म्यांमार से सटी हुई है। सांसदों के भारत चले जाने की जानकारी म्यांमार की सेना द्वारा हटा दी […]

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इतिहास के पन्नों से

वैदिक संस्कारों में रुचि रखते थे डॉक्टर अंबेडकर

  कुशलदेव शास्त्री स्वामी दयानन्द और आर्यसमाज की वेदनिष्ठा तो जाहिर है। आर्यसमाज का तीसरा नियम है-’वेद का पढ़ना-पढ़ाना और सुनना-सुनाना सब आर्यों का परमधर्म है।‘ आर्यसमाजों में समस्त संस्कार वैदिक पद्धति से ही सम्पन्न होते हैं। कुछ अन्य भी ’सनातन‘ संगठन हैं, जो वैदिक संस्कारों के प्रति अनन्य आस्था अभिव्यक्त करते हैं। माननीय डॉ0 […]

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आज का चिंतन इतिहास के पन्नों से

प्राचीन काल का मानव 5000 वर्षों तक जिंदा रह लेता था

  अनिरुद्ध जोशी प्राचीन और मध्यकाल में हस्तलिखित दस्तावेज बहुत होते थे। उनमें से लाखों तो लुप्त हो गए या जला दिए गए। फिर भी हजारों आज भी किसी लाइब्रेरी में, संग्रहालय, आश्रम में या किसी व्यक्ति विशेष के पास सुरक्षित है। ऐसी ही एक हस्तलिखित पांडुलिपि या किताब इंदौर के रहने वाले साधारण से […]

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पर्व – त्यौहार

भारत का नव संवत्सर वैज्ञानिक भी है और सबसे प्राचीन भी

  नव वर्ष चैत्र शुक्लपक्ष प्रतिपदा को आरम्भ होता हैं जो कि प्राकृतिक है, वैज्ञानिक है और सबसे प्राचीन होने के साथ भारतीय प्राचीन गणित विद्या का गौरव है। भारतीय प्राचीन काल गणना- २ परमाणु = १ अणु ३अणु = १ त्रिसरेणु ३ त्रिसरेणु =१ त्रुटि (३ त्रिसरेणु को पार करने मे सूर्य को लगा […]

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कविता

यह संधि पत्र लिखना होगा

फूलों की कोमल पंखुडियाँ बिखरें जिसके अभिनंदन में। मकरंद मिलाती हों अपना स्वागत के कुंकुम चंदन में। कोमल किसलय मर्मर-रव-से जिसका जयघोष सुनाते हों। जिसमें दुख-सुख मिलकर मन के उत्सव आनंद मनाते हों। उज्ज्वल वरदान चेतना का सौंदर्य जिसे सब कहते हैं। जिसमें अनंत अभिलाषा के सपने सब जगते रहते हैं। मैं उसी चपल की […]

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विविधा स्वास्थ्य

सोच बदल कर ही मासिक धर्म की गरिमा बढ़ सकती है

  (मासिक धर्म के कलंक को तोड़ने और मासिक धर्म अपशिष्ट कार्यशालाओं और शौचालय डिजाइनों को बढ़ावा देने जैसी पहल के साथ शिक्षा और व्यवहार परिवर्तन के माध्यम से राष्ट्रीय नीति को बदलने की आवश्यकता है।) महिलाओं के लिए मासिक धर्म एक प्राकृतिक और स्वस्थ जैविक प्रक्रिया है, इसके बावजूद, यह अभी भी भारतीय समाज […]

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आओ कुछ जाने

हिमालय में धधकती आग से दुनिया के वैज्ञानिक चिंतित

  उत्तर भारत के जंगलों में बीते पंद्रह सालों की सबसे भीषण आग लगी हुई है। नैनीताल की नैनी झील के पीछे दिखने वाले हरे-भरे पहाड़ उत्तराखंड के इस शहर को और ख़ूबसूरत बना देते हैं।लेकिन पिछले कुछ दिनों से जंगल की आग से उठ रहे धुएं ने पहाड़ों को छुपा लिया है और अब […]

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