आर्य वैदिक संस्कृति नगर ,ग्राम प्रधान ना होकर वन प्रधान रही है।आर्यों के चार आश्रम में से तीन आश्रम ब्रह्मचर्य, वानप्रस्थ ,सन्यास वनों में ही केंद्रित आश्रित थे। हमारे पूर्वजों को खुला परिवेश वातावरण बहुत भाता था। नगर ग्रामों में रहने की छूट केवल ग्रहस्थ आश्रम को ही मिली हुई थी। भारत की दो तिहाई […]