🌺 पुरुष सूक्त पढ़ और सुन कर लाभ लें व शंकायें दूर करें। (ऋग्वेद १०।९०।०१ से १६) 🔥सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात् । स भूमिं विश्वतो वृत्वात्यतिष्ठद्दशाङुलम् ॥१॥ 🌺 भावार्थ – पुरुष-सूक्त (पुरुष) पुर में व्यापक शक्ति वाले राजा के तुल्य समस्त ब्रह्माण्ड में व्यापक परम पुरुप परमात्मा (सहस्र-शीपः) हजारों शिरों वाला है। (सः) वह (भूमि) […]