गीता मेरे गीतों में गीत संख्या ,….19 स्वधर्म की श्रेष्ठता हर श्रेष्ठतम कर्म को ही यज्ञ माना वेद ने । यज्ञ करो भी , कराओ भी – संदेश दिया वेद ने।। देवयज्ञ नियम से करो – यही उपदेश दिया वेद ने। संगतिकरण और दान का भी आदेश दिया वेद ने।। सबसे चले मिलकर सदा – […]