ज्ञान की श्रेष्ठता जीवन सफल हो यज्ञ से हृदय की है पुकार । प्राण यज्ञ से समर्थ हो , मैं कहता बारम्बार ।। अपान समर्थ हो यज्ञ से – यही हृदय की चाह । अपान यज्ञ के अनुकूल हो चले ना उल्टी राह ।। उदान और हों समान भी यज्ञ – भाव से पूर्ण। नेत्र […]
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
ज्ञान की श्रेष्ठता जीवन सफल हो यज्ञ से हृदय की है पुकार । प्राण यज्ञ से समर्थ हो , मैं कहता बारम्बार ।। अपान समर्थ हो यज्ञ से – यही हृदय की चाह । अपान यज्ञ के अनुकूल हो चले ना उल्टी राह ।। उदान और हों समान भी यज्ञ – भाव से पूर्ण। नेत्र […]
पंचमहाभूत हैं और पंच महायज्ञ हैं ईश्वर की सृष्टि स्वयं एक यज्ञ है ईश्वर का विधान ‘वेद’ भी एक यज्ञ है ईश्वर का हर उपदेश ही एक यज्ञ है। लोकोपकारक शुभ कर्म एक यज्ञ है संसार में निष्काम – कर्म भी यज्ञ है नित्य- नैमित्तिक कर्म भी एक यज्ञ है हमारे हृदय को करता पवित्र […]
गाजियाबाद ( ब्यूरो डेस्क ) राजनीति बड़ा अजब गजब खेल है। इसमें कब क्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। लड़ाई कोई लड़ता है तो सेहरा किसी और को जा बंधता है। यदि देश के नए राष्ट्रपति बने जगदीप धनखड़ के बारे में विचार किया जाए तो यही बात सच साबित होती दिखाई देती […]
बंधन मुक्त अवस्था राजनीति का प्रश्न नहीं है आज खड़ा तेरे सम्मुख। उपस्थित हुई आज एक चुनौती मानवता जिससे व्याकुल।। वृहद सांस्कृतिक समस्या अर्जुन ! अब तुझको रही पुकार। इतिहास तुझे कोसेगा निश्चय, यदि नहीं किया स्वीकार।। हुई मानवता है खंड – खंड , अब नव -निर्माण करना होगा। दुर्योधन आदि दुष्टों को , अब […]
कर्तव्य का निश्चय नित्य – कर्म करते चलो , हो जीवन का उत्थान। गुरुजनों और मात – पिता का करते रहो सम्मान।। शरीर की रक्षा करना भी, नित्य कर्म ही होय। जो इनका निश्चय करे ,सदा उसका मंगल होय।। समय – समय पर जो हमें, करने पड़ते काम। नैमित्तिक उनको कहें, बात सही मेरी मान।। […]
निष्काम कर्ममय जीवन से मुक्ति साधु पुरुष जब होते दु:खी भगवान की इस सृष्टि में। और अनिष्टकारी शक्तियां होतीं हैं प्रबल सृष्टि में।। तब उनके भी विनाश हेतु शक्तियां होतीं प्रकट सृष्टि में। कर्म फल मिलता सभी को , भगवान की इस सृष्टि में।। कुछ काल के लिए कभी साधु पुरुष साध जाते मौन हैं। […]
ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन एक ऐसा राजनीतिक दल है, जिसका भारत और भारतीयता से दूर-दूर का भी संबंध नहीं है। अंग्रेजों के शासन काल में 1927 ईस्वी में इस राजनीतिक दल की स्थापना हुई थी। इसके नाम से ही यह स्पष्ट है कि यह केवल और केवल मुसलमानों के हितों की बात करता […]
प्रेस को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। यदि प्रेस सत्ता पक्ष और विपक्ष की राजनीति का निष्पक्ष होकर आकलन करे और दोनों को उनकी गलतियां बताकर देशहित में चर्चा को और भी अधिक ऊंचाई दे तो सचमुच मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना ही जाएगा । वास्तव में जब देश के विधानमंडलों की […]
गाजियाबाद। ( ब्यूरो डेस्क ) द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने की पृष्ठभूमि में देश में कई प्रकार के राजनीतिक समीकरण बने बिगड़े हैं। उधर 2024 के लोकसभा चुनावों की छाया भी अब राजनीति पर पड़ती हुई दिखाई देने लगी है। भाजपा 2024 की तैयारी में लग चुकी है। उसकी नीतियां और कार्यशैली इस समय बहुत […]
डॉ॰ राकेश कुमार आर्य इन सारी विकृतियों से मुक्त समाज ‘आर्य समाज’ ही होगा। उसे चाहे आप जो नाम दे लें। किंंतु वह समाज वास्तव में मानव समाज कहलाएगा। जिसकी ओर बढऩे के लिए हमको वेद ने आदेशित करते हुए कहा कि-‘मनुर्भव:’ अर्थात मनुष्य बन। श्रेष्ठ मानव समाज और कर्म और विज्ञान के समुच्चय में […]