राजू आकाश की ओर एकटक देख रहा था। तभी उसके दादाजी की नजर उसकी ओर पड़ी । उन्होंने राजू को टोकते हुए कहा कि “राजू ! तुम ऊपर टकटकी लगाये क्या देखते हो?” राजू : दादाजी ! मैं उड़ते हुए जहाज को देख रहा हूं कि यह भी इंसान ने क्या अजीब चीज बनाई है […]
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
राजू आकाश की ओर एकटक देख रहा था। तभी उसके दादाजी की नजर उसकी ओर पड़ी । उन्होंने राजू को टोकते हुए कहा कि “राजू ! तुम ऊपर टकटकी लगाये क्या देखते हो?” राजू : दादाजी ! मैं उड़ते हुए जहाज को देख रहा हूं कि यह भी इंसान ने क्या अजीब चीज बनाई है […]
रिश्तों से यदि प्यार है, सीं लो अपने होंठ। कानों से बहरे बनो , झेलो भीतर चोट ।। 11।। रिश्ते रिसते घाव हैं, करो नित्य उपचार। थोड़े से प्रमाद से , उजड़ जाय संसार।। 12।। मौन धार चलते रहो , देख दिनों का फेर। पछवा चले – कचरी फले, आनन्दित करे बेल ।।13।। मत खोजो […]
दोहे अपने अपने ना रहे, क्यों करता है मलाल ? तंज कसें दिल तोड़ते, हर घर का यही हाल ।।1।। तीर खाकर देखना, तू पीछे की ओर। अपने ही आते नजर , तेरे चारों ओर।। 2।। करो लक्ष्य की साधना, मत देखो संसार। जिसने साधा लक्ष्य को, हो गया भव से पार ।।3।। दिल में […]
भारत की वैदिक संस्कृति की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले बलिदानियों की संख्या असंख्य है। जिन करोड़ों लोगों का धर्मांतरण किया गया, उनकी दारुणकथा पर कोई ध्यान नहीं देता। इसके अतिरिक्त जिन करोड़ों लोगों ने अपना धर्म परिवर्तन करने से इनकार किया और इसके लिए उन्हें अपने सर काटने पड़े, पूरे के पूरे परिवारों […]
डॉ राकेश कुमार आर्य आप सभी को भारत के 75वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। प्रत्येक गणतंत्र दिवस प्रतिवर्ष हमें अपने संविधान , अपनी संविधान सभा और संविधान सभा के सम्मानित सदस्यों के बारे में कुछ सोचने व समझने की प्रेरणा देता है । 1946 में भारत की संविधान सभा का गठन भारतीय संविधान के […]
अमन : दादाजी! आजकल विज्ञान का जमाना है। आपके जमाने में बिजली नहीं होती थी तो लोग काम करने, पढ़ने – लिखने के लिए कितने तंग होते होंगे ? दादाजी : बेटे ! जमाना तो विज्ञान का है पर हमारे समय में भी लोग घी तेल के चिराग की रोशनी में बड़े आराम से पढ़ […]
22 जनवरी को श्री राम मंदिर में हुई प्राण प्रतिष्ठा वास्तव में राष्ट्रीय चेतना का मुखर स्वरूप था। जिसे हम सबने प्रकट होते हुए देखा। संपूर्ण देश में ही नहीं, विदेश में भी जहां-जहां भारतवंशी लोग रहते हैं, लोगों ने महादीपावली का पर्व मनाया। लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। इस अवसर पर प्रधानमंत्री […]
स्वामी दयानंद जी महाराज भारतवर्ष की ही नहीं संपूर्ण मानवता की अनमोल थाती हैं। मानवता के लिए उनकी सबसे बड़ी सेवा वेदों की वैज्ञानिक व्याख्या है। अनेक प्रकार की विसंगतियों, विषमताओं, कुरीतियों , अंधविश्वासों और पाखंडों में जकड़े हुए मानव समाज के उद्धार के लिए उन्होंने केवल एक ही औषधि बताई और वह थी वेद […]
दोहे गाड़ी में मैं चल रहा, मन में बड़ा गुमान। तन की गाड़ी कीमती, नहीं सका पहचान।। 1।। पीपल पत्ता हिल रहा , बात कहे अनमोल। क्षणभंगुर जीवन तेरा, बात हिय में तोल।। 2।। इंसाफ तराजू तोल कर, जो करता इंसाफ । असली मुंशिफ है वही रखता पाक हिसाब।। 3।। भ्रष्टाचारी जेल में, मांग रहे […]
आओ मिलकर दीप जलाएं, और मनाएं दिवाली। शुभ पर्व हमारा सबका है,आओ सजाएं हम थाली।। हजारों वर्ष के संघर्षों की, करनी गाथा याद हमें। शौर्य और पराक्रम का, फिर से करना नाद हमें।। लाखों दिए बलिदान आज हम उनको याद करेंगे सब। दीप जलाएंगे हर घर में, उत्साहित परिवेश करेंगे सब।। आज हमारे घर में […]