आतंकवाद पर जीरो टोलरेंस : अमित शाह गाजियाबाद ।( रविकांत सिंह ) आतंकवाद के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस रखने की अपनी नीति को और पुख्ता और स्पष्ट करते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने अहम फैसला लेते हुए किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को आतंकी घोषित करने संबंधी विधेयक लोकसभा में पेश कर दिया है । इसके […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
दिल्ली की पॉश कालोनियों में कोई यह कल्पना भी नहीं कर सकता कि यहां किसी आलीशान बंगले के भीतर कोई तपा तपाया ऋषि रह रहा होगा । जी हां , एक ऐसा ऋषि जिसे संसार की सभी ऐषणाओं ने मुक्त कर संसार में भूसुर की उच्चतम श्रेणी तक पहुंचा दिया हो । यदि आपसे हमारा […]
देश की राष्ट्रभाषा हिंदी के साथ कांग्रेस की दोगली और राष्ट्रद्रोही मानसिकता प्रारंभ से ही रही। वह यह निर्णय नही कर पाई कि इस देश की राष्ट्रभाषा और राजभाषा हिंदी ही रहेगी और उसे धीरे-धीरे संस्कृतनिष्ठ बनाकर देश की अन्य भाषाओं के उन शब्दों का संस्कृत मूल खोजकर भी उसमें डाला जाएगा जो थोड़े बहुत […]
कांग्रेस ने स्वात्रय वीर सावरकर ‘गद्दार’ कहकर राष्ट्रीय भावनाओं के साथ एक बार पुन: ‘गद्दारी’ की है। वीर सावरकर एक ऐसे व्यक्तित्व का नाम है जिनका समकालीन राजनीति में हर मुद्दे पर अपना ऐसा स्पष्ट चिंतन रहा जो कालातीत बन गया, और आज तक नवीन बना हुआ है। उनकी स्पष्टवादिता और शुद्घ राष्ट्रवादी दृष्टिकोण कांग्रेस […]
आज हमारे देश के एक महान क्रांतिकारी नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म दिवस है । ब्रिटिश भारत के बंगाल प्रांत में आज के दिन ही हमारे इस महानायक का जन्म हुआ था ।सन 1929 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर बंगाल विधान परिषद् में प्रवेश कर अपने राजनीतिक जीवन का शुभारंभ किया था […]
” हम युद्ध नहीं करेंगे ” – ऐसी जिनकी घोषणा को उनसे वह कौन डरेगा ? — सावरकर मित्रो ! सावरकर जी नेहरू सरकार की ढुलमुल विदेश नीति के विरोधी थे । नेहरू सरकार पड़ोसी देशों से अपने भूभाग की सुरक्षा करने में निरंतर असफल हो रही थी। पहले टूटा फूटा हिंदुस्तान लेकर 15 अगस्त […]
मित्रो ! आज 4 जुलाई है । आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है , क्योंकि 4 जुलाई 1947 को आज के दिन ही ब्रिटिश पार्लियामेंट में ‘ भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम ‘ प्रस्तुत किया गया था । जिसे वहां के प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली द्वारा प्रस्तुत किया गया था । बताया जाता है कि उस समय ब्रिटिश […]
राज्यसभा में सरकार को तृणमूल का साथ
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के विपरीत राज्यसभा में इस बार विधेयकों को पारित कराने में रुकावटें आने की संभावना लगभग समाप्त हो गई है। विरोध व्यक्त करने के उपरांत भी जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन पर सरकार को जिस प्रकार तृणमूल कॉंग्रेस ने अपना समर्थन दिया है , उससे आशा की कुछ नई उम्मीद […]
शिमला समझौते के विषय में
मित्रो ! आज 2 जुलाई है । आज का दिन भारत के इतिहास में ‘ शिमला समझौते ‘ के पर किए गए हस्ताक्षरों की साक्षी देता है । 1971 में हुए भारत-पाक युद्ध के पश्चात 23 अप्रैल 1972 को दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि शिमला में एक बैठक कर युद्ध के पश्चात […]
आवागमन ( कविता )
प्रख्यात विद्वान प्रोफेसर डॉ श्याम सिंह शशि किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं , वे एक ऐसे हस्ताक्षर हैं जो अस्सी पार करने के पश्चात भी असीम ऊर्जा से भरे हुए हैं और अपनी लेखनी के माध्यम से निरंतर राष्ट्र का मार्गदर्शन कर रहे हैं । ऐसे तेजोपुंज की लेखनी से निकली यह कविता हमसे […]