ओ३म् ========== हम इस संसार में रहते हैं और हमसे पहले हमारे पूर्वज इस सृष्टि में रहते आये हैं। संसार में प्रचलित मत-मतान्तर तो कोई लगभग दो हजार और कोई पन्द्रह सौ वर्ष पुराना है, कुछ इनसे भी अधिक प्राचीन और कुछ अर्वाचीन हैं, परन्तु यह सृष्टि वैदिक मत व गणना के अनुसार 1.96 अरब […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
ओ३म् =========== ऋषि दयानन्द वेदों के मर्मज्ञ विद्वान, वेदमन्त्रों के द्रष्टा एवं भाष्यकार होने सहित एक सच्चे एवं आदर्श मनुष्य वा महापुरुष थे। वह वेदोद्धारक, धर्माचार्य, धर्म के सिद्धान्तों को तर्क की तराजू पर तोल कर प्रस्तुत करने वाले देवपुरुष भी थे। तर्क-युक्ति से रहित, मनुष्य समाज के लिए अहितकर तथा समाज के किसी एक […]
========= मनुष्य विचार करे तो उसे संसार में अपने लिये सबसे अधिक महत्वपूर्ण व उपकारी माता-पिता का संबंध प्रतीत होता है। माता-पिता न होते तो हम व अन्य कोई मनुष्य इस कर्मभूमि रूपी संसार में जन्म नहीं ले सकता था। माता-पिता की भूमिका यदि जन्म तक ही सीमित होती तो भी उनका अपनी सन्तानों के […]
8 जनवरी 1026 का है दिवस जब महमूद गजनवी ने सोमनाथ के मंदिर पर आक्रमण किया था , आज हमें अनायास ही याद हो आया । इस पोस्ट का लिखने का अभिप्राय महमूद गजनवी के आक्रमण को महिमामंडित करना नहीं है , अपितु उसके आक्रमण के समय हमारे देश के वीरों के द्वारा सोमनाथ मंदिर […]
प्रमोद भार्गव संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 19.5 करोड़ लोग कुपोषण के शिकार हैं। दुनिया के कुपोषितों में यह अनुपात करीब 25 प्रतिशत है। यदि बच्चों के स्तर पर बात करें तो देश के 10 बच्चों में से चार कुपोषित हैं। यह स्थिति उस कृषि-प्रधान देश की है, जो खाद्यान्न उत्पादन […]
ओ३म् =========== हम इस पृथिवी पर रहते हैं। यह पृथिवी हमारे सौर मण्डल का एक ग्रह है। ऐसे अनन्त सौर्य मण्डल इस ब्रह्माण्ड में हैं। इस सृष्टि व ब्रह्माण्ड को किसने बनाया है? इसका समुचित उत्तर विश्व के वैज्ञानिकों के पास भी नहीं है। वेद और वैदिक धर्म के अनुयायी ऋषि-मुनि व वैदिक साहित्य के […]
आज एक खास बात आपसे शेयर करना चाहता हूं । शायद आप में कई यह नहीं जानते होंगे कि हमारे देश का राष्ट्रपति जिस स्थान से बैठकर संवैधानिक रूप से देश का शासन चलाता है वह ऐसा स्थान है जिसका मुआवजा आज तक उसके वास्तविक मालिकों अर्थात किसानों को नहीं दिया गया है । इस […]
ओ३म् ========== परमात्मा ने सृष्टि के आरम्भ में वेदों का ज्ञान दिया था। इस ज्ञान को देने का उद्देश्य अमैथुनी सृष्टि में उत्पन्न व उसके बाद जन्म लेने वाले मनुष्यों की भाषा एवं ज्ञान की आवश्यकता को पूरा करना था। सृष्टि के आरम्भ से लेकर महाभारत काल पर्यन्त भारत वा आर्यावत्र्त सहित विश्व भर की […]
अपने पाठकों के लिए हम बताना चाहेंगे कि 1962 के युद्घ के 5 वर्ष पश्चात ही 1967 में चीन ने एक बार फिर प्रयास किया था कि भारत को एक बार फिर चुनौती दी जाए और उसे मार का एक और ‘सदमा’ दिया जाए, परंतु तब तक परिस्थितियां बदल चुकी थीं । सिक्किम उस समय […]
नई दिल्ली। ईरान के जनरल सुलेमानी की हत्या के बाद खाड़ी के क्षेत्र में जो नए समीकरण बन रहे हैं उसको लेकर भारत को अब ज्यादा सतर्क रहने की जरुरत है। खास तौर पर जिस तरह से अमेरिका ने पाकिस्तान से संपर्क किया है वह भारत के लिए कठिनाई पैदा कर सकता है। सोलेमानी की […]