अयोध्या,कांग्रेस जिला अध्यक्ष अखिलेश यादव व महानगर अध्यक्ष अकबर अली मेजर ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर कहा की नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जागरूकता के लिए कांग्रेस पार्टी को अनुमति न देकर एवं कांग्रेसजनों को घर में नजरबंद कर प्रशासन ने अपनी हठधर्मिता एवं दोहरा मापदंड दिखाया है एक तरफ कट्टर सोच व […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
ओ३म् ========== किसी भी वस्तु या पदार्थ का स्वरूप कुछ विशिष्ट गुणों को लिये हुए होता है। उन गुणों को जानकर उसके अनुरूप उसके बारे में विचार रखना व उसका सदुपयोग करना ही उचित होता है। ईश्वर भी एक द्रव्य व पदार्थ है जिसमें अपने कुछ गुण, कर्म व स्वभाव आदि हैं। हमें ईश्वर के […]
पंडित मदनमोहन मालवीय जी का कहना है कि-”भारत की एकता का मुख्य आधार है-एक संस्कृति जिसका उत्साह कभी नही टूटा। यही इसकी विशेषता है। भारतीय एकता अक्षुण्ण है क्योंकि भारतीय संस्कृति की धारा निरंतर बहती रही है और बहेगी।” दुला भट्टी का आदर्श जीवन अब हम आते हैं इतिहास के उस अभिनंदनीय व्यक्तित्व के जीवन […]
डॉ विवेक आर्य विश्व इतिहास इस बात का प्रबल प्रमाण हैं की हिन्दू समाज सदा से शांतिप्रिय समाज रहा हैं। एक ओर मुस्लिम समाज ने पहले तलवार के बल पर हिन्दुओं को मुस्लमान बनाने की कोशिश करी थी, अब सूफियो की कब्रों पर हिन्दूओं के सर झुकवाकर, लव जिहाद या ज्यादा बच्चे बनाकर भारत की […]
नई दिल्ली । ( आरबीएल निगम वरिष्ठ पत्रकार ) जेएनयू में हुई हिंसा को लेकर जारी गहमागहमी के बीच भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने इस विश्वविद्यालय को लेकर अपना प्लान सामने रखा है। बकौल स्वामी जेएनयू कैंपस में पुलिस स्टेशन बनना चाहिए। बीएसएसएफ और सीआरपीएफ जवानों की तैनाती होनी चाहिए। यूनिवर्सिटी को […]
कांग्रेसियों की ओर से अक्सर यह कहा जाता रहा है कि सावरकर वीर नहीं कायर थे और उन्होंने अंग्रेजों से माफी मांगी थी इस बारे में आज हम आपको इसका सच बता रहे हैं।इस विषय उपलब्ध ऐतिहासिक दस्तावेज और उससे जुड़े संदर्भ ग्रंथ भी सावरकर को एक कट्टर देशभक्त सिद्ध करते हैं। इतिहासकार और लेखक […]
देश की तीसरी लोकसभा का गठन 1962 में हुआ था । इसी वर्ष हमारे देश को चीन के हाथों करारी पराजय का सामना भी करना पड़ा । तीसरी लोकसभा का कार्यकाल 1967 तक रहा । किस लोकसभा के कार्यकाल में कई ऐसी ऐतिहासिक घटनाएं हुई जो इस लोकसभा को इतिहास में कुछ खास बना गयीं […]
विवेकानंद नए भारत का नवाख्यान
डाॅ. राकेश राणा करुणा ही आम सहमति और सद्भाव ला सकती है, यदि सच्ची भावना से उसका पालन किया जाय। दैनंदिन जीवन में यह सोच सार्वजनिक नीति और समाज में लोकतांत्रिक भाव के लिए मार्गदर्शक हो सकती है- स्वामी विवेकानंद श्रीविश्वनाथ दत्त के घर में 12 जनवरी,1863 को बालक नरेन्द्र दत्त का जन्म हुआ जो […]
ओ३म् ========== हम इस संसार में रहते हैं और हमसे पहले हमारे पूर्वज इस सृष्टि में रहते आये हैं। संसार में प्रचलित मत-मतान्तर तो कोई लगभग दो हजार और कोई पन्द्रह सौ वर्ष पुराना है, कुछ इनसे भी अधिक प्राचीन और कुछ अर्वाचीन हैं, परन्तु यह सृष्टि वैदिक मत व गणना के अनुसार 1.96 अरब […]
ओ३म् =========== ऋषि दयानन्द वेदों के मर्मज्ञ विद्वान, वेदमन्त्रों के द्रष्टा एवं भाष्यकार होने सहित एक सच्चे एवं आदर्श मनुष्य वा महापुरुष थे। वह वेदोद्धारक, धर्माचार्य, धर्म के सिद्धान्तों को तर्क की तराजू पर तोल कर प्रस्तुत करने वाले देवपुरुष भी थे। तर्क-युक्ति से रहित, मनुष्य समाज के लिए अहितकर तथा समाज के किसी एक […]