ललित गर्ग श्रीकृष्ण हमारी संस्कृति के एक अद्भुत नायक हैं। उनका जन्मोत्सव मानवजाति में उल्लास-उमंग को संचार करने के साथ नवीन मानवता के अभ्युदय का प्रतीक है, क्योंकि उन्होंने मनुष्य जाति को नया जीवन-दर्शन दिया। जीने की शैली सिखलाई। उनकी जीवन-कथा चमत्कारों से भरी है, लेकिन वे हमें जितने करीब लगते हैं, उतना और कोई […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
यही कारण है कि राजा दाहिर सेन को जब विदेशी शत्रु आक्रमणकारी अरबों के विषय में यह समाचार मिला कि वे सिन्ध पर आक्रमण करने की तैयारी कर रहे हैं तो उन्होंने भी युद्ध का सामना करने की तैयारी करना आरम्भ कर दिया। वैसे भी भारत में मानवता के शत्रुओं से युद्ध करना धर्म युद्ध […]
भारतीय धर्म संस्कृति और इतिहास के प्रति समर्पित एक महान व्यक्तित्व का नाम था – कल्याण सिंह। जनहित को सदा सामने रखकर चलने वाले और भारतीय लोक परंपरा के अनुसार अनुरूप राज धर्म का निर्वाह करने वाले व्यक्ति का नाम था – कल्याण सिंह ।सहज ,सरल, ईमानदार और राजनीतिक जीवन में शुचिता के समर्थक […]
समाज को किसने तोड़ा किसने जोड़ा ?
इस समय उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दृष्टिगत सपा ब्राह्मणों को लुभाने का हर संभव प्रयास कर रही है। इसी के चलते सपा समर्थक एक पूर्व आईएएस और इतिहासकार ने एक पोस्ट लिखी है कि ब्राह्मणों ने समाज को तोड़ा नहीं बल्कि जोड़ा है । इसे पढ़कर कई लोगों को बड़ी प्रसन्नता हुई है। क्योंकि […]
अशोक मधुप अमेरिका ने सोचा था कि तालिबान को काबुल फतह करने में 90 दिन लगेंगे, लेकिन इतनी जल्दी कब्जा हो जाएगा, ये किसी को भी गुमान नहीं था। अमेरिका द्वारा ट्रेंड अफगानिस्तान की फ़ौज हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर देगी, ऐसा कोई सोच भी नहीं सकता। अफगानिस्तान में अमेरिका सेना की मौजूदगी में […]
एक शोधपूर्ण प्रशंसनीय ग्रंथ मध्य प्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी द्वारा ‘भारत हजारों वर्षों की पराधीनता एक औपनिवेशिक भ्रमजाल’ में बड़े शोधपूर्ण ढंग से हमें बताया गया है कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों पर मुस्लिम और ब्रिटिश शासन की अवधि कितने समय तक रही? इस सारणी को देखकर हमें पता चलता है कि भारत के हिंदू […]
देश के वीर क्रांतिकारियों और महान योद्धाओं के अनेकों बलिदानों के बाद जब 15 अगस्त 1947 को हमें आजादी मिली तो गांधी के ‘आशीर्वाद’ से देश का पहला प्रधानमंत्री बनने का ‘सौभाग्य’ पंडित जवाहरलाल नेहरू को मिला। देश के पहले प्रधानमंत्री के रूप में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने तब आधी रात को मिली आजादी की […]
भारत के सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू कई बार अपनी विवादित टिप्पणियों के कारण चर्चा में आते रहते हैं। चर्चा में बने रहने के लिए लगता है वे स्वयं भी ऐसी बातें कहते रहते हैं। यद्यपि भारत के संविधान ने भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान कर प्रत्येक व्यक्ति को बोलने का संवैधानिक […]
इस पुस्तक की लेखिका सुनिता बापना जी हैं। विदुषी लेखिका ने इस पुस्तक के माध्यम से जनसामान्य को यह संदेश देने का प्रयास किया है कि योग को केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित न माना जाए। योग के व्यापक स्वरूप हैं और इसके जीवन के हर पहलू में उपयोग व प्रयोग हैं। जिन्हें हमें अपनी […]
प्रभुनाथ शुक्ल राजनीति में सुचिता का सवाल सबसे अहम मसला है। बेदाग छवि के राजनेता और चरित्र की राजनीति वर्तमान दौर में हासिए पर है। टीवी का वह विज्ञापन भारतीय राजनीति पर सटीक बैठता है कि ‘दाग अच्छे हैं’। देश में यह मुद्दा चर्चा का विषय रहा है कि राजनीति का अपराधीकरण क्यों हो […]