ललित गर्ग मुनव्वर फारूकी का समर्थन करने वाले भारत के गौरव को कुचलने की चेष्टाओं का एक तरह से समर्थन कर रहे हैं। प्रश्न है कि फारूकी या किसी भी कॉमेडियन, कलाकार, पत्रकार या आम नागरिक को अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर राष्ट्रीय अस्मिता को बदनाम करने की आजादी कैसे दी जा सकती है? […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
श्रीराम के विशेषण और विशेषता हमें ध्यान रखना चाहिए कि देश भक्ति के गीत गाते – गाते जो वीर क्रांतिकारी फांसी पर झूल गए वे श्री राम के शत्रुहन्ता स्वरूप के उपासक थे । राम प्रसाद बिस्मिल जैसे अनेकों क्रांतिकारियों ने श्रीराम की इस आदर्श परंपरा का निर्वाह किया। राम प्रसाद बिस्मिल जी की […]
जब अब से लगभग 2 वर्ष पहले महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव हुए तो वहां पर राजनीतिक स्थिति ऐसी बनी जो कि बहुत ही निराशाजनक कहीं जा सकती है। भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना में सत्ता को लेकर संघर्ष हुआ। केंद्र में भाजपा की सरकार होने के चलते राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। जबकि […]
कांग्रेस को अपने वैचारिक मार्गदर्शक गांधी जी से संविधान और नियम-प्रक्रिया की धज्जियां उड़ाने का संस्कार उत्तराधिकार में प्राप्त हुआ है। गांधीजी के जीवन का अवलोकन करने से हमें यह तथ्य स्पष्ट हो जाता है कि उन्होंने अपनी मनमानी चलाने के लिए हर उस नैतिकता, मर्यादा , नियम- प्रक्रिया और पार्टी के संविधान के कायदे […]
पुस्तक समीक्षा : ‘रिश्ते बन जाते हैं’ ‘रिश्ते बन जाते हैं’ – इस पुस्तक की लेखिका श्रीमती कमलेश वशिष्ठ हैं। लेखिका का यह कहानी संग्रह है । जिसमें कुल 41 कहानियों को स्थान दिया गया है। छोटी-छोटी कहानियों के माध्यम से लेखिका ने बहुत अच्छा संदेश देने का प्रयास किया है। कहानी ‘संयोग’ में एक […]
आशावादी होकर जिएं
आशावादी होकर जियें अब गरीबी से रमेश का मन टूट चुका था। वह जीवन संग्राम में एक निराश योद्धा की भांति दिखाई दे रहा था। उसे लगता था कि अब उसका जीवन व्यर्थ है। क्यों नहीं उसे अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेनी चाहिए? कहते हैं मां गरीबी में व्यक्ति की सबसे बड़ी मित्र […]
किए हुए कर्म का फल
सोहन के पिता का देहांत उस समय ही हो गया था जब वह माँ के गर्भ में था । माँ ने उसे बड़े लाड प्यार से पाला – पोसा।जल्दी ही वह जवान हो गया था। पिता का साया ना होने के कारण उसके कदम भटक गए और राहजनी करने लगा। एक दिन एक व्यक्ति अपने […]
संविधान दिवस 26 नवंबर पर विशेष भारत के संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो मुसलमानों को अल्पसंख्यक घोषित करता हो, लेकिन राजनीति में ‘सेकुलर गैंग’ ने इस शब्द को अपने राजनीतिक लाभ के लिए गढ़ लिया है । यद्यपि इतना अवश्य है कि भारत के संविधान की धारा 29 व 30 भारतवर्ष में […]
सौम्या भौमिक पूर्वोत्तर के विकास के लिए घरेलू कोशिश जारी रहेंगी लेकिन इस विकास प्रक्रिया में अन्य देशों की भागीदारी से कई लाभ मिलने वाले हैं। भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र (Northeastern Region, NER) यानी एनईआर में आठ राज्य हैं। इसकी पहचान अक्सर ढांचागत और आर्थिक विकास के मामले में हाशिए पर रहने वाले क्षेत्र के रूप […]
संस्कारित बाल कहानियां’- पुस्तक श्रीमती करुणा श्रीवास्तव द्वारा लिखी गई है। विदुषी लेखिका के द्वारा अब से पूर्व में भी दर्जनों पुस्तकें लिखी जा चुकी हैं। उनकी ऐसी अप्रतिम प्रतिभा को देखकर स्पष्ट होता है कि वे कथाकार, उपन्यासकार और साहित्य की सचमुच एक समर्थ लेखिका हैं। ‘संस्कारित बाल कहानियां’ – उन्होंने बच्चों के लिए […]