कविता – 34 मशाल क्रांति की हाथों में ले सत्तावन आया था, जिसने शत्रु को दहलाया हमको महान बनाया था, स्वाधीनता का सपना सारे भारत को भाया था। सन सत्तावन अंग्रेजों को दूर भगाने आया था, झकझोर दिया सारे भारत को फिर से यही बताया था, क्रांति से आजादी जन्मे – गीत सभी ने गाया […]
‘क्रांति देश’ है भारत ….