श्रेय मार्ग का पथिक ….. 36 चेत सके तो चेत जा, चिड़िया चुग रहीं खेत। हिय में जो रम रहा, लगा ‘ओ३म’ से हेत।। लगा ‘ओ३म’ से हेत, पड़े ना फिर पछताना। नित्य नियम से मेरे मनवा, गीत उसी के गाना।। मानव तन की नौका का सही करो उपयोग। समय रहते कुछ कर जतन, मिटते […]
कुंडलिया, .. 11 श्रेय मार्ग का पथिक