67 अहंकार सबसे बुरा, करे मनुज का नाश। बड़े बड़े रावण गए, बुरा कहे इतिहास।। बुरा कहे इतिहास, जगत की खाते गाली। मानवता से रिश्ता होता ज्यों कीड़ा व नाली।। इतने वर्ष बाद भी रावण, मार रहा फुंकार । राम नाम के फूल हैं, रावण को अहंकार ।। 68 राट- विराट – सम्राट सब, चढ़ […]
कुंडलियां … 23 मद में व्यर्थ है सेठ