_-राजेश बैरागी-_ कल एक लग्न-सगाई कार्यक्रम में गया। मेजबान ने शहर के सबसे अच्छे बैंक्वेट हॉल में आयोजन किया था।सौ लोगों की सीमित संख्या का आदेश भी नहीं आया था परंतु समारोह से हर्ष उल्लास लापता था। थोड़ा सहज अनुभव कर रहे शासन प्रशासन की पेशानी पर फिर बल पड़ने लगे हैं। दिल्ली में […]