Categories
भारतीय संस्कृति

राजा भर्तृहरि को वैराग्य कैसे हुआ?

प्राचीन उज्जैन में हुए प्रतापी राजा भर्तृहरि अपनी तीसरी पत्नी पिंगला पर कुछ अधिक ही मोहित थे और वे उस पर अत्यंत विश्वास करते थे। राजा पत्नी मोह में अपने कर्तव्यों को भी भूल गए थे। उस समय उज्जैन में एक तपस्वी गुरु गोरखनाथ का आगमन हुआ। गोरखनाथ राजा के दरबार में पहुंचे। भर्तृहरि ने […]

Categories
आज का चिंतन पर्व – त्यौहार

छठपूजा- अन्धविश्वास के बढते कदम-

छठ पूजा का त्योहार जो पहले मुख्य रूप से बिहार के कुछ भागों मे मनाया जाता था,अब देश के कई भागों में मनाया जाने लगा है । छठ पूजा अभी भी बिहार के प्रत्येक जिले मे पूर्ण रूप से नही मनाया जाता है। ‎ घर परिवार वाले प्रायः छठ पूजा के लिए नव दम्पति को […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

जैन मत समीक्षा व जैन ग्रंथों के गपोडे-

………….. -डा मुमुक्षु आर्य ……………. चार्वाक,जैन, बौद्ध- ये तीन नास्तिक मत हैं जो ईश्वर की सत्ता को नहीं मानते, इनका मानना है कि यह सृष्टि अनादि काल से ऐसे ही चली आ रही है, इसको कोई बनाने वाला नहीं । इनके ग्रन्थों में भी तन्त्र पुराण कुरान बाइबिल आदि अनार्ष ग्रन्थों की तरह काल्पनिक किस्से […]

Categories
विविधा

सभी धर्मों का संयुक्त सम्मेलन

डा० मुमुक्षु आर्य एक बार एक विद्वान्, मननशील, राजा ने पृथ्वी पर प्रचलित सब धर्मों के आचार्यों की सभा बुलाई और उन्हें अपने-अपने धर्म की श्रेष्ठता बताने को कहा। पुजारी:– तंत्र, पुराण, अवतार, मूर्ति-पूजा, तीर्थ-यात्रा, व्रत आदि में श्रद्धा रखने से मुक्ति हो जाती है। हिन्दु धर्म ही सनातन है, हमारे तिलक-छापे से यमराज भी […]

Categories
पर्व – त्यौहार समाज

छठ पूजा : भारतीय समाज में अंधविश्वास के बढ़ते कदम

…………………………………. छठपूजा, ग्रहपूजा, ग्रन्थपूजा गणेश पूजा, शिवलिंगपूजा, दिशापूजा, पाषाणपूजा, मूर्तिपूजा,मजारपूजा, फलितज्योतिष,, राशिफल, जन्मपत्री आदि ठग विद्याएं हैं पाखंड लीलाएं हैं।संविधान की मूल भावना के विपरित हैं। संविधान की धारा 51A जनता को अन्धविश्वास से मुक्त कर वैज्ञानिक सोच देने को कहती हैं। छठ पूजा का त्योहार जो पहले मुख्य रूप से बिहार के कुछ भागों […]

Categories
हमारे क्रांतिकारी / महापुरुष

डीएवी संस्थानों के संस्थापक एवं अद्भुत प्रतिभा के धनी पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी

………………………. पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी ( 26 अप्रैल 1864-1890 ), महर्षि दयानन्द सरस्वती के अनन्य शिष्य एवं कालान्तर में आर्यसमाज के प्रमुख नेता थे। उनकी गिनती आर्य समाज के पाँच प्रमुख नेताओं में होती है। मात्र छब्बीस वर्ष की अल्पायु में ही उनका देहान्त हो गया किन्तु उतने ही समय में उन्होने अपनी विद्वता की छाप […]

Categories
धर्म-अध्यात्म

पौराणिक हिंदू समाज और सत्य सनातन वैदिक धर्म को मानने वाले आर्य समाज में अंतर

………………………………………….. १. हिन्दू परमात्मा के भिन्न भिन्न प्रकार के अवतारों को मानते है। तैंतीस कोटि का अर्थ तैंतीस करोड देवी देवता लेकर उन्हें भी परमात्मा या परमात्मा का अवतार मानता है। आर्य एक निराकार ईश्वर को मानते हैं जो अवतार नहीं लेता । राम, कृष्ण, पतंजलि, जैमिनि, कणाद, दयानंद जैसे महापुरुषों के जन्म लेने को […]

Categories
भारतीय संस्कृति

छह शत्रुओं और वाणी के दोषों से अपनी रक्षा करें : वेद

…………………………………………………… उलूकयातुं शुशुलूकयातुं जहि श्वयातुमुत कोकयातुम् । सुपर्णयातुमुत गृध्रयातुं दृषदेव प्र मृण रक्ष इन्द्र ।। अथर्ववेद- 8/4/22 भावार्थ:- योगीजन काम क्रोध आदि विकारों की तुलना पशु पक्षियों के स्वभाव से करते हैं। यहां छ: अवगुणों का संबंध पशु पक्षियों से किया गया है । उल्लू अंधकार अथवा मोह से प्रसन्न रहता है। मोह मानव का […]

Categories
राजनीति

संघ व कट्टरपन्थी हिंदुओं का आर्य समाज के प्रति दृष्टिकोण

संघ के संस्थापक डॉ.हेडगेवार सच्चे देशभक्त थे | उन्होंने राष्ट्र के संगठन के लिये जो कार्य किये उसकी जितनी प्रशंसा की जाये कम है | उनके उत्तराधिकारी श्री गोलवलकर गुरूजी ने संघ को जो विस्तार दिया,शक्ति बढ़ाई, वह भी अच्छी बात है | परन्तु डॉ.हेडगेवार से हटकर गुरूजी में जो बात थी वह यह कि […]

Exit mobile version
İmajbet giriş
İmajbet giriş
Safirbet giriş
Safirbet giriş
İmajbet giriş
Hitbet giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
vaycasino
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark
kolaybet
betgaranti
betpark
kolaybet
betpark
betpark
hitbet giriş
casibom giriş
casibom giriş
casibom
betnano giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
betnano giriş
betpark
betpark
kolaybet giriş
betpark
betpark
betgaranti
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark
betpark
kolaybet
kolaybet
vaycasino
vaycasino
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
holiganbet
bettilt giriş
bettilt giriş
harbiwin giriş
harbiwin giriş