सुरेश हिन्दुस्थानी सत्य पर कितना भी परदा डाला जाए, लेकिन एक समय ऐसा भी आता है कि उसका वास्तविक स्वरूप सामने आ ही जाता है। हालांकि यह विसंगति भी रही है कि सच को झूठ प्रमाणित करने के लिए भी कवायद की जाती रही हैं। समाज को भ्रमित करने वाली इस प्रकार की साजिश के […]