* महान शूरवीर योद्धा हरि सिंह नलवा ने जब पठानों को अपने शौर्य से रौंद डाला तो वह एक दिन अपनी मां से बोला – मां मेंने तेरे दूध को सफल कर दिया, मैं तेरे ऋण से उऋण हुआ।माँ मुस्कराई । हरि सिंह ने जब पुनः कहा- मां मेरे योग्य कोई सेवा बताइए तो मां […]
माँ का कर्ज*