ग्रेटर नोएडा। चतुर्वेद पारायण जग में उपस्थित रहे विद्वानों ने अलग-अलग दिन अपने अपने संबोधन में उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि सन्ध्योपासना विधि के आरम्भ में ऋषि दयानन्द जी ने लिखा है कि यह पुस्तक नित्यकर्मविधि का है। इसमें पंचमहायज्ञों का विधान है। इन पंचमहायज्ञों के नाम हैं–ब्रह्मयज्ञ, देवयज्ञ, पितृयज्ञ, भूतयज्ञ और […]