इतिहास की भारतीय विद्वानों के अनुसार परिभाषा कुछ इस प्रकार स्थापित की जा सकती है :— ” इतिहास धर्म का रक्षक है , संस्कृति का पोषक है , मानवता का उद्धारक है, समाज का मार्गदर्शक है , राष्ट्र का उन्नायक है और अतीत में हुई दुर्घटनाओं से शिक्षा लेकर मर्यादा पथ को प्रशस्त करने वाले […]
Category: आज का चिंतन
प्रतिष्ठा में श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार विषय :– नोएडा व ग्रेटर नोएडा के सभी गोल चक्करों का महापुरुषों के नाम पर नामकरण कराने के संबंध में महोदय सादर प्रणाम । नोएडा व ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश को न केवल भारत के अपितु विश्व के मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित कराने में […]
काशी शास्त्रार्थ सभी मतों की अविद्यायुक्त उपासना पद्धतियों एवं अन्धविश्वासों को दूर करने की शिक्षा देता है”-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून।सृष्टि के आरम्भ में परमात्मा से वेदों का आविर्भाव हुआ था। वेदों के पूर्ण ज्ञानी, योगी एवं आप्त पुरुषों को ऋषि कहा जाता है। सृष्टि के आरम्भ से देश में ऋषि परम्परा आरम्भ हो गई थी। […]
संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश में कांगे्रस के हौसलों को उड़ान नहीं मिल पा रही है। प्रियंका वाड्रा गांधी की तमाम कोशिशों के बाद भी कांगे्रसी लगातार मिलती हार से उबर नहीं पा रहे हैं। कांगे्रस के छोटे-बड़े नेताओं ने मायूसी की चादर ओड़ रखी है तो कार्यकर्ताओं ने भी हवा का रूख भांप कर अपने […]
प्रत्येक वर्ष के समान इस वर्ष भी 14 सितम्बर 2019 को हिन्दी दिवस आ रहा है। जो लोग विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों अथवा सरकारी तन्त्रों से संयुक्त हैं वे लोग ही प्रायः हिन्दी दिवस को मनाते हैं, अन्य लोग प्रायः सामान्यज्ञान से तो जान लेते हैं किन्तु हिन्दी दिवस मानाना नहीं जानते। जो लोग हिन्दी दिवस […]
इरादा मजबूत कर बदलें बुरी आदतें
रेनू सैनी दिमाग हमारे पूरे शरीर को नियंत्रित करता है। यह स्नायु तंत्र के जरिए काम करता है। स्नायु तंत्र नर्व सेल्स से बना होता है। ये नर्व सेल्स करोड़ों सूचनाओं को एक साथ इधर से उधर पहुंचाती हैं। इन समाचारों को इधर-उधर पहुंचाने में जब एक ही प्रकार की सूचना बार-बार दोहराई जाती है, […]
जीवन निर्वाह की दो-तीन धाराएँ हैं जिन पर चलते हुए हम पूरी जिंदगी गुजार दिया करते हैं। एक वे हैं जो अपने हुनर और दक्षता के अनुरूप कर्मयोग में रमे रहते हैं और हर घटना-दुर्घटना और हलचल को भगवान का प्रसाद मानकर चलते हैं। दूसरी किस्मों के लोग जो कुछ कर रहे हैं वह सभी […]
यह कैसी आदत कुढ़ते रहने की
कुछ चीजें भगवान ने हमें नहीं दी हैं, उनका आविष्कार हम महान मनुष्यों ने कर लिया है। हमारी कई सारी आदतें ऎसी हैं जिनका हमारे पूरे जीवन या रोजमर्रा के काम-काज से किसी प्रकार का प्रत्यक्ष संबंध नहीं होता, मगर हमने उन्हें इतना अपना रखा है कि कुछ कहा नहीं जा सकता। इन्हीं ढेरों आदतों […]
ग्रामीण संस्कृति में ग्राम देवताओं और लोक देवताओं तथा लोक देवियों के दर्शन-पूजन-अर्चन की विशेष परंपरा सदियों से विद्यमान रही है। इनके प्रति ग्रामीणों की अगाध आस्था होती है और यही कारण है कि साल भर में कई बार विशेष पर्व-उत्सवों और मेलों-त्योहारों पर इन आस्था स्थलों पर विशेष आयोजन होते हैं जिनमें गांव भर […]
यह सृष्टि पंच महाभूतों की ही बनी हुई है और उन्हीं के आधार पर जड़-चेतन सब कुछ टिका हुआ है। हर तत्व का अपना वजूद है, तत्वों का संयोग विभिन्न प्रकार की सृष्टि और निरन्तर सृजन-परिवर्तन का आदि जनक है। इन पंच तत्वों आकाश, अग्नि(तेज), वायु, जल और पृथ्वी का ही सारा व्यापार सर्वत्र दृष्टिगोचर […]