यूं कहने को तो भारत को विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है परंतु वास्तविकता यह है कि भारत में लोकतंत्र कहीं पर भी नहीं है । जी हां , जो राजनीतिक पार्टियां लोकतंत्र लोकतंत्र का शोर मचाती हैं यदि उनकी भी चीर फाड़ की जाए तो पता चलता है कि लोकतंत्र तो उनके […]
Category: आज का चिंतन
तालाबों को प्राचीन काल में हमारे पूर्वज लोग बड़ा स्वच्छ रखा करते थे। पर आजकल तो इनमें कूड़ा कचरा और गंदी नालियों का गंदा पानी भरा जाता है। यही स्थिति नदियों की है। जो वस्तु हमारे जीवन का उद्घार करने में सहायक थी उन्हें ही हमने अपने लिए विनाश का कारण बना लिया है। हमें […]
कौन है पराली जलाने का वास्तविक अपराधी
पिछले कुछ वर्षों से हर वर्ष दीपावली के आसपास पराली से पूरा एनसीआर पीड़ित हो उठता है । अब प्रश्न यह है कि इस पराली को जलाकर एनसीआर सहित देश के कई भागों में लोगों के लिए ‘ डेथ चेंबर ‘ बनाने की इस प्राणलेवा घटना का जिम्मेदार कौन है ? सचमुच इस प्रश्न पर […]
1976ई. में स्व. श्रीवेणीशंकर मु. वासु ने एक लेख लिखा था जिसका शीर्षक था-‘‘कहां गयी गोचर भूमि’’। लेख बड़ा तथ्यपरक और मार्मिक था, जो आज भी हमारी सरकार और हमारे देश वासियों की उस सामूहिक चेतना को झंकृत करने की सामथ्र्य रखता है, जो इस समय गाय के विषय में पूर्णत: उदासीन है, या मर […]
मुझे गर्व है अपने आप पर – – – – –
सचमुच मेरा भारत महान है, क्योंकि मेरा भारत ही है जो हमें एक धर्म – सत्य सनातन वैदिक , एक धर्म ग्रंथ – वेद , एक उपास्य देव – ईश्वर ( ओ३म ) , एक गुरु मंत्र — गायत्री मंत्र , एक राष्ट्र – आर्यावर्त राष्ट्र , एक विश्व ध्वज — ओ३म पताका (भगवा ) […]
भारत के महान क्रांतिकारी आंदोलन में भाई परमानंद जी का नाम एक महान क्रांतिकारी के नाम रूप में दर्ज है । व्यवहार और आचरण से बहुत ही सादगी पसंद भाई परमानंद जी को उनके इन गुणों के कारण देवतास्वरूप भाई परमानंद के रूप में जाना जाता है । आर्य समाज से जुड़े होने के कारण […]
यदि सरदार पटेल जैसी निर्भीकता से गांधीजी कार्य करते और अंग्रेजों से उनकी गलतियों को सुधारने के लिए कठोरता से अपना पक्ष रखते तो परिस्थितियां इतनी जटिल नहीं होतीं , जितनी हो गई थीं । गांधीजी की स्थिति तो यह थी कि वह सरदार पटेल को भी निर्भीक होने से टोकते रहते थे। पर अंत […]
1 नवंबर 1984 के वे भयानक दंगे जिन्होंने अनेकों निर्दोष सिक्खों की जान ले ली थी , अभी तक चित्त से उतरे नहीं हैं । जिन लोगों ने सिख विरोधी दंगों के घाव झेले हैं , यह केवल उनका हृदय ही जानता है कि उन्होंने इन जख्मों को कैसे झेलने का प्रयास किया है ? […]
आज देश के पहले उप प्रधानमंत्री सरदार पटेल की जयंती है । राष्ट्र आज पहली बार अपने इस महानायक को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। जब जम्मू कश्मीर का पूर्ण वैधानिक विलय होते हुए हम भारत में देख रहे हैं । वहां पर आज एक विधान , एक निशान की प्रक्रिया के अंतर्गत नई […]
अपने घरेलू कलह से दुखी होकर फारस से कुछ व्यापारी भारत पहुंचे तो उन्होंने यहां के सिंध के शासक से व्यापार आदि की अनुमति मांगी । सिंध के तत्कालीन हिंदू शासक ने उक्त प्रतिनिधिमंडल के नेता से कहा कि आपको शरण भी दी जा सकती है और व्यापार की अनुमति भी दी जा सकती है […]