कविता – 39 मानव उसको मानिए , करे परहित के काम। स्वार्थ की नहीं सोचता रखे सभी का ध्यान ।। सत्य असत्य के बीच में विवेक करत है न्याय। जो जन स्वार्थ में फंसा सदा करे अन्याय ।। मानुष गिरता है वही, जिसके गिरे विचार। मानव का उत्थान हो यदि ऊंचे रहें विचार।। आत्मा के […]
असत्य से मुझको दूर कर …..