पंकज जगन्नाथ जयस्वाल सनातन धर्म को गलत तरीके से प्रदर्शित करने के लिए ‘कर्म योग’ के बारे में बहुत सी भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। भ्रांतियों में से एक यह है कि व्यक्ति को केवल भगवान के प्रति समर्पण की आवश्यकता होती है और उसकी इच्छाएं किसी भी प्रकार के ‘कर्म’ (कार्य) किए बिना पूरी […]