ललित गर्ग आजादी के अमृत महोत्सव मनाते हुए हमारे देश, समाज और मनुष्यता तीनों के सामने ही प्रश्नचिन्ह खड़े हैं। किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास में विचार एवं सृजनात्मक लेखन की महत्वपूर्ण भूमिका है। विचार एवं लेखन ही वह सेतु है, जो व्यक्ति-चेतना और समूह चेतना को वैश्विक, राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों […]
स्वस्थ सोच को सच बनाने का अभियान