बागपत। (नीरज गुप्ता) महर्षि दयानंद के “वेदों की ओर लौटो” मिशन को आगे बढ़ाने के लिए आज की युवा पीढ़ी भी आगे आ रही है। इसी मिशन से जुड़े युवा बागपत के खट्टा गांव में बहुत ही अच्छा कार्य कर रहे हैं। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए शिवरात्रि के पर्व को खट्टा गांव में […]
Month: March 2021
BSP के पूर्व MLC मोहम्मद इकबाल कृषि कानूनों को लेकर हो रहे धरनों पर प्रारम्भ से एक बात प्रमुखता से कहीं जा रही है कि जिन मुद्दों को लेकर किसानों को धरना एवं प्रदर्शन करना चाहिए, उनमें से किसी एक भी मुद्दे पर कोई नहीं बोल रहा। किसानों को लूटने वाले कोई और नहीं सियासतखोर […]
कंकर से शंकर
कंकर से शंकर (दार्शनिक विचार) #डॉविवेकआर्य आज महाशिवरात्रि का पर्व है। यह वही रात है जब बालक के रूप में मूल शंकर ने शिवरात्रि का व्रत रखा। निराहार रहकर शिवजी के दर्शन का संकल्प लिया। शिवलिंग पर चूहों की उछल-कूद देखकर बालक के मन में उठी जिज्ञासा ने मूल शंकर को स्वामी दयानन्द बना दिया। […]
12 मार्च/पुण्य-तिथि देश की स्वतन्त्रता के लिए अपना सर्वस्व दाँव पर लगाने वाले डा. भगवानदास माहौर का जन्म 27 फरवरी, 1909 को ग्राम बडौनी (दतिया, मध्य प्रदेश) में हआ था। प्रारम्भिक शिक्षा गाँव में पूरी कर ये झाँसी आ गये। यहाँ चन्द्रशेखर आजाद के सम्पर्क में आकर 17 वर्ष की अवस्था में ही इन्होंने क्रान्तिपथ […]
ओ३म् ============ सूर्य, चन्द्र, पृथिवी तथा नक्षत्रों आदि से युक्त हमारी यह भौतिक सृष्टि मनुष्योत्पत्ति से बहुत पहले बन चुकी थी। अतः इसे मनुष्यों ने नहीं बनाया यह बात तो स्पष्ट है। मनुष्य एक, दो व करोड़ों मिलकर भी इस सृष्टि व इसके एक ग्रह को भी नहीं बना सकते। यदि ऐसा है तो फिर […]
अमर बलिदानी छत्रपति संभाजी
11 मार्च/बलिदान-दिवस भारत में हिन्दू धर्म की रक्षार्थ अनेक वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। छत्रपति शिवाजी के बड़े पुत्र सम्भाजी भी इस मणिमाला के एक गौरवपूर्ण मोती हैं। उनका जन्म 14 मई, 1657 को मां सोयराबाई की कोख से हुआ था। तीन अपै्रल, 1680 को शिवाजी के देहान्त के बाद सम्भाजी ने […]
वेदों में सच्चे शिव का वर्णन
प्रियांशु सेठ वेदों के शिव– हम प्रतिदिन अपनी सन्ध्या उपासना के अन्तर्गत नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नम: शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च(यजु० १६/४१)के द्वारा परम पिता का स्मरण करते हैं। अर्थ- जो मनुष्य सुख को प्राप्त कराने हारे परमेश्वर और सुखप्राप्ति के हेतु विद्वान् का भी सत्कार कल्याण करने और […]
हमने महापुरुषों को ईश्वर बनाकर उनके साथ जो अन्याय किया है और अपने राष्ट्रीय आदर्शों को खोकर आप ही अपने पैरों जिस प्रकार कुल्हाड़ी मार ली है, इसको राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अध्यक्ष सर संघचालक डॉ हेडगेवार जी ने अपनी ”विचारधारा” में बड़े खेद के साथ व्यक्त किया है। उस संदर्भ का कुछ अंश हम […]
ललित गर्ग भले ही आरक्षण की नीति सामाजिक उत्पीड़ित व आर्थिक दृष्टि से कमजोर लोगों की सहायता करने के तरीकों में एक है, ताकि वे लोग बाकी जनसंख्या के बराबर आ सकें। पर जाति के आधार पर आरक्षण का निर्णय कभी भी सभी के गले नहीं उतरा। सरकारी नौकरियों में आरक्षण का मुद्दा एक बार […]
सुखी भारती WHO का अनुमान है कि इस सदी के अंत तक यह गिनती बढ़कर एक करोड़ से भी ज्यादा हो जाएगी। तंबाकूनोशी करने वाले में से 70 प्रतिशत लोग फेफडों का कैंसर होने से मृत्यु के गाल में समा जाते हैं। 20−25 प्रतिशत लोग दिल के रोगों से, 30 प्रतिशत से भी ज्यादा लोग […]