राजपूत दुनिया की हर नारी में मातृत्व वास करता है। बेशक उसने संतान को जन्म दिया हो या न दिया हो। नारी इस संसार और प्रकृति की ‘जननी’ है। नारी के बिना तो संसार की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इस सृष्टि के हर जीव और जन्तु की मूल पहचान माँ होती है। आज […]
राजपूत दुनिया की हर नारी में मातृत्व वास करता है। बेशक उसने संतान को जन्म दिया हो या न दिया हो। नारी इस संसार और प्रकृति की ‘जननी’ है। नारी के बिना तो संसार की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इस सृष्टि के हर जीव और जन्तु की मूल पहचान माँ होती है। आज […]
देश में पलायन की समस्या इतनी विकराल तब दिखी जब कोरोना वायरस के कारण इतनी भारी तादाद में लोग शहरों से ग्रामों की ओर पलायन करने लगे। हालाँकि केंद्र सरकार ने लोगों को विभिन्न शहरों से उनके घरों तक पहुँचाने के लिए विशेष श्रमिक रेलगाड़ियाँ चलाईं हैं परंतु फिर भी कई लोग शहरों से ग्रामों की […]
आज मातृ दिवस है । सचमुच हम सब में वे लोग सौभाग्यशाली हैं जिनकी मां है । जिनकी नहीं है , उन्हें निश्चय ही आज अपनी मां की याद आ रही होगी । मुझे भी अपनी मां का प्यार और उसकी ममता की स्वाभाविक रूप से याद आ रही है ।अपनी उसी ममतामयी मां की […]
(10 मई मदर्स-डे ) -मुरली मनोहर श्रीवास्तव मां, हर बच्चों के लिए खास ही नहीं बल्कि उनकी पूरी दुनिया होती है। होना भी लाजिमी है बच्चे जन्म लेने से कई माह पहले ही अपनी मां से जुड़ जाते हैं। सभी बच्चों के जन्म लेने के बाद रिश्तों से जुड़ते हैं मगर मां और बच्चे का […]
क्रान्ति-दिवसः10मई.1857 डॉ0राकेश राणा 1857 का जन-विद्रोह मेरठ छावनी से क्रांतिकारी कोतवाल धनसिंह गुर्जर के नेतृत्व में शुरु हुआ। यह कोई अचानक से उभरा जनाक्रोश नहीं था। बल्कि एक सुव्यवस्थित और सुनियोजित क्रंति की शुरुआत थी। मेरठ में जिसका दायित्व तत्कालीन सदर कोतवाल धनसिंह गुर्जर के पास था। देश भर में इस विद्रोह की रणनीति झांसी […]
10 मई 1857 की प्रातः कालीन बेला। स्थान मेरठ । क्रांति का प्रथम नायक धनसिंह गुर्जर कोतवाल। नारा – ‘मारो फिरंगियों को।’ मेरठ में ईस्ट इंडिया कंपनी की थर्ड केवल्री की 11 और 12 वी इन्फेंट्री पोस्टेड थी । 10 मई 1857 रविवार का दिन था। रविवार के दिन ईसाई अंग्रेज अधिकतर चर्च जाने की […]
भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन और क्रांतिकारियों के जज्बे के बारे में यही कहा जा सकता है कि :— बदल देते हैं हम मौजे हवादिश को अपनी जुरअत से। कि हमने अंधेरों में भी चिराग अक्सर जलाए हैं ।। तूफान की दिशा मोड़ने में सक्षम और संगीनों के सामने भी सीना चौड़ा कर खड़े होने का जज्बा […]
ओ३म् -महाराणा प्रताप जी की जयन्ती पर- ============ आज भारत के इतिहास में गौरवपूर्ण स्थान रखने वाले एक देशभक्त निर्भीक व साहसी क्षत्रिय महापुरुष, वैदिक धर्म व संस्कृति के आदर्श एवं भारत माता के वीर सपूत महाराणा प्रताप जी की जयन्ती है। महाराणा प्रताप जी का जन्म आज ही के दिन 9 मई, सन् 1540 […]
साम्यवादी लोगों की एक विशेष पहचान होती है। ये लोग सदा देश के हित के विरुद्ध लेखन करते है। अब देखिये इस जमात ने अंग्रेजीशासन का गुणगान करते हुए यह लिख दिया कि अंग्रेजी शासन भारत पर उपकार के समान था। अंग्रेजों ने भारतीयों को रेल व्यवस्था दी, डाक व्यवस्था दी। अन्यथा भारतीय इतने गंवार […]
आचार्य ज्ञान प्रकाश वैदिक महाराणा प्रताप मेवाड़ के शासक और एक वीर योद्धा थे जिन्होंने कभी अकबर की अधीनता स्वीकार नही की। उनका जन्म सिसोदिया कुल में हुआ था। महाराणा प्रताप जीवनपर्यन्त मुगलों से लड़ते रहे और कभी हार नही मानी। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को राजस्थान के कुम्भलगढ़ में हुआ था। […]