दादरी रेलवे स्टेशन पर मैं अपने आदरणीय और श्रद्घेय भ्राता श्री देवेन्द्र सिंह आर्य (वरिष्ठ अधिवक्ता) के साथ फाटक बंद होने के कारण उनकी गाड़ी में बैठा रेलगाड़ी गुजरने की प्रतीक्षा कर रहा था। रेलगाड़ी पर्याप्त विलम्ब करने पर भी नहीं आयी। मैंने ज्येष्ठ भ्राता श्री से इतने पहले फाटक बंद कर देने का कारण […]
Month: April 2017
पी.एन.ओक कहते हैं…. अपनी पुस्तक ”क्या भारत का इतिहास भारत के शत्रुओं द्वारा लिखा गया है?” में लिखी गयी भूमिका में पी.एन. ओक महोदय लिखते हैं :- ”भारतीय इतिहास में जिन विशाल सीमाओं तथा अयथार्थ और मनगढ़ंत विवरण गहराई तक पैठ चुके हैं, वह राष्ट्रीय घोर संकट के समान है। जो अधिक दुखदायी बात है […]
संपत्ति संचित करी, रहा बहुत परेशान
बिखरे मोती-भाग 180 वास्तव में ऐसा व्यक्ति ही परमात्मा का सबसे प्रिय होता है, उसका खजाना कभी खाली नहीं होता है- क्योंकि उसके सिर पर परमात्मा का वरदहस्त होता है। गीता में भगवान कृष्ण अर्जुन को समझाते हुए कहते हैं-हे पार्थ! ‘आप्त बांधव: अर्थात जो दूसरों को आपत्ति से निकालते हैं-वे मेरे रिश्तेदार हैं।’ भाव […]
पूजनीय प्रभो हमारे……भाग-52
कामनाएं पूर्ण होवें यज्ञ से नरनार की क्रोध, मद, मोह, लोभ इत्यादि के विषय में भी ऐसा ही मानना चाहिए। अर्थात एक सीमा तक क्रोध (मन्यु) ईश्वरीय व्यवस्था के अंतर्गत उचित है, परंतु सीमोल्लंघन होते ही क्रोध भी ईश्वरीय व्यवस्था में बाधक हो जाता है। यदि पापी, दुष्ट, अत्याचारी, अनाचारी और किसी भी असामाजिक व्यक्ति […]
सबसे बड़ा धनवान है, भूसुर है कोई खास
बिखरे मोती-भाग 179 प्रभुता पाकै श्रेष्ठ हो, फिर भी नहीं अभिमान। ऐसा नर दुर्लभ मिलै, जापै हरि मेहरबान ।। 1108 ।। व्याख्या :- भाव यह है कि प्राय: इस संसार में ऐसे लोग तो देखने को बहुत मिलते हैं, जो धन-दौलत, पद-प्रतिष्ठा, जाति-कुल, विद्या, बुद्घि, आश्रम, शारीरिक सौष्ठव अथवा सौंदर्य विभिन्न प्रकार के बल, […]
घातक है शिक्षा और व्यापार का घालमेल
विजय शर्मा सरकारी इंजीनियरिंग, मेडिकल और तकनीकी शिक्षण संस्थानों की कमी के चलते प्रदेश में निजी गैर मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान कुकरमुत्तों की तरह उग आए हैं। ये युवाओं के साथ छल कर रहे हैं और जाने-अनजाने शासन-प्रशासन उसका भागीदार है। ऐसे संस्थानों एवं इन्हें चलाने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की जरूरत हैज् […]
पीके खुराना जिन इलाकों में चरमपंथी गतिविधियां न हों, वहां आम्र्ड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट की जरूरत नहीं है। समय की मांग है कि प्रशासन लोगों से ज्यादा रू-ब-रू हो, उनके सुख-दुख में शामिल हो और अलगाववादियों की गतिविधियों, खासकर सोशल मीडिया की गतिविधियों पर गहरी निगाह रखी जाए। यदि हम ऐसा कर पाए तो […]
उप्र में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा गठबंधन की सरकार ने एक माह पूरा कर लिया है। साथ ही मीडिया में उप्र सरकार के कामकाज की चर्चा भी होने लग गयी है । प्रदेश विधानसभा में 325 सीटे जीतने के बाद भाजपा सरकार ने अपना काम संकल्पपत्र के अनुरूप ही शुरू किया हैं। हालांकि […]
गांधीजी का कहना था कि- ”अगर पाकिस्तान बनेगा तो मेरी लाश पर बनेगा” परंतु यह उनके जीते जी ही बन गया। हां! ये अलग बात है कि वह उनकी लाश पर न बनकर देश के असंख्य लोगों की लाशों पर बना। क्या ही अच्छा होता कि यदि वह केवल उनकी ही लाश पर बनता तो […]
महात्मा की अपेक्षाएं महात्मा तो वह होता है जिसकी आत्मा संसार के महत्व को समझकर विषमताओं, प्रतिकूलताओं और आवेश के क्षणों में भी जनसाधारण के प्रति असमानता का व्यवहार न करते हुए समभाव का ही प्रदर्शन करती है, किंतु जिसका व्यवहार हठीला हो, दुराग्रही हो, सच को सच न कह सकता हो, इसलिए एक पक्ष […]