किसी गांव में गरीब बुढिय़ा रहती थी। सारे गांव में वह अम्मा के नाम से मशहूर थी। अम्मा विष्णु की भक्त थी। गरन्ीब होने परभी वह दयालु थी। सारा गांव उसकी इज्जत करता था। एक दिन अम्मा को सपने में भगवान विष्णु के दर्शन हुए। उन्होंने प्रसन्न होकरन् अम्मा से कहा-मैं तुम्हारी भक्ति से बहुत […]
Month: October 2015
एक संत का जीवन और परोपकार
एक संत हुए जो बड़े ही सदाचारी और लोकसेवी थे. उनके जीवन का मुख्य लक्ष्य परोपकार था. एक बार उनके आश्रम के निकट से देवताओं की टोली जा रही थी. संत आसन जमाये साधना में लीन थे. आखें खोली तो देखा सामने देवता गण खड़े हैं. संत ने उनका अभिवादन कर उन सबको आसन दिया. […]
पूज्य, महात्मा ,संत अशोक।हर्षित, प्रमुदित, कभी न शोक।। 1 एक लक्ष्य है, नेक ध्येय है।सर्वोपरि, निज राष्ट्र श्रेय है।चरैवेति बेरोक टोक।।पूज्य महात्मा…… 2 माँ विद्या से लेकर आशिष।भारत माँ को किया समर्पित।धन्य बना दीं दोनों कोख।।पूज्य महात्मा…… 3 संगठन दृढ, विश्व हिन्दु।हिन्द के परिपूर्ण सिंधु।वीरता के पुंज श्रोत।पूज्य महात्मा…… 4 रक्त का, हर बिंदु अर्पण।राष्ट्र […]
गतांक से आगे… जाटों ने इस युद्घ में मराठा पेशवा सेना का पूरा साथ दिया। यही कारण था कि पानीपत की तीसरी लड़ाई अब्दाली के हाथों हार जीने पर भी केवल दस वर्ष बाद ही दिल्ली तथा संपूर्ण उत्तर भारत में तथा सिंधु पार अटक तक हिंदुओं की सेनाएं अपना वर्चस्व स्थापित करने में सफल […]
1.गाय का घी नाक में डालने से पागलपन दूरहोता है।2.गाय का घी नाक में डालने से एलर्जी खत्म होजाती है।3.गाय का घी नाक में डालने से लकवा का रोगमें भी उपचार होता है।4.20-25 ग्राम घी व मिश्री खिलाने से शराब,भांग व गांझे का नशा कम हो जाता है। 5.गायका घी नाक में डालने से कान […]
दुनिया भर में धमाका मचा चुके अमेरिकी हाईएंड फोन निर्माता कंपनी एप्पल के नये आईफोन 6एस और 6एस प्लस की अग्रिम बुकिंग भारत में शुरू हो गई है। मोबाइल फोन के खुदरा विक्रेता द मोबाइल स्टोर ने इन दोनों आईफोन की अग्रिम बुकिंग का ऐलान करते हुए कहा कि 13 अक्टूबर तक ग्राहक महज 2000 […]
वीरेश्वर तोमर स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत की सामाजिक संरचना में विभिन्न कारकों का वर्चस्व रहा। समाज के कुछ विशेष वर्ग, वर्षों से शोषण परक सत्ता के कुकृत्यों से दबे हुए थे। संविधान निर्माताओं द्वारा एक समतामूलक समाज की प्राप्ति हेतु इस वर्ग के उत्थान हेतु दोहरे उपबंध करना आवश्यक प्रतीत हुआ- भेदभाव को समाप्त […]
निरंकार सिंह महात्मा गांधी ने ऐसी हिंसक पंचायती राज व्यवस्था की कल्पना नहीं की थी जैसी कि आज उत्तर भारत के कई राज्यों में दिखाई दे रही है। हमने ग्रामसभाओं को जिस तरह की राजनीति का अखाड़ा बना दिया है उससे ग्रामीण समाज की समरसता और एकता नष्ट हो गई है। उत्तर प्रदेश के नब्बे […]
भारत के संविधान के विषय में जीआईसी हरदोई में कौमी एकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने यह उचित ही कहा है कि भारतवासियों के लिए अपना संविधान ही एक धार्मिक पुस्तक है। वस्तुत: उपराष्ट्रपति के इस कथन में भारत की आत्मा के दर्शन होते हैं। भारत का मूल संविधान (जिसे विश्व […]
अंग्रेजी माध्यम पर प्रतिबंध लगे
डॉ. वेदप्रताप वैदिक भारत में शिक्षा के अध:पतन की आज एक नई खबर आई है। एक अंग्रेजी अखबार के अनुसार देश में अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में प्रवेश करनेवाले छात्रों की संख्या दुगुनी हो गई है जबकि हिंदी माध्यम की पाठशालाओं में भर्ती सिर्फ एक-चाथाई बढ़ी है। याने अंग्रेजी माध्यम हिंदी माध्यम के मुकाबले चार […]