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बिखरे मोती

गैरों के दुर्गुण जानकर, दुर्जन खुशी मनाय

बिखरे मोती भाग-70गतांक से आगे….रोगी को कड़वी दवा,लगता बुरन परहेज।विपदा कुण्ठित मति करै,और घट जावै तेज ।। 766 ।। कुण्ठित मति-बुद्घि का भ्रष्ट होना, आया है संसार में,कर पुण्यों का योग।कर्माशय से ही मिलें,आयु योनि भोग ।। 767 ।। कर्माशय-प्रारब्ध पूर्णायु बल सुख मिलै,सेहत की सौगात।परिमित भोजन जो करे,लाख टके की बात ।। 768 ।। […]

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संपादकीय

‘बुद्घ नही युद्घ’ के उद्घोषक: सावरकर

बात 10 मई 1957 की है। सारा देश 1857 की क्रांति की शताब्दी मना रहा था। दिल्ली में रामलीला मैदान में तब एक भव्य कार्यक्रम हुआ था। हिंदू महासभा के नेता वीर सावरकर यद्यपि उस समय कुछ अस्वस्थ थे, परंतु उसके उपरांत भी वह इस ऐतिहासिक समारोह में उपस्थित हुए थे। वह देश के पहले […]

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अन्य स्वास्थ्य

तेजपात

भारत में उष्णकटिबंधीय एवं इसके अतिरिक्त उपउष्णकटिबन्धीय हिमालय से भूटान तक ९००-१५०० मी तक की ऊंचाई पर सिक्किम में २४०० मी तथा सिल्हट एवं खसिया के पहाड़ी क्षेत्रों में ९००-१२०० मी की ऊंचाई तक तेजपात के जंगली वृक्ष पाये जाते हैं | इसके पत्तों को धूप में सुखाकर प्रयोग में लिया जाता है | पत्तियों […]

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विविधा

राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती राजे बनीं सबसे लोकप्रिय महिला राजनेता

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2014। राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे सोशल मीडिया में देश की सबसे लोकप्रिय महिला राजनेता बन गई हैं। सोशल नेटवकिर्ंग वेबसाइट फेसबुक पर उनके प्रशंसकों की संख्या बुधवार को 30 लाख को पार कर गई। फेसबुक फॉलोअर्स की संख्या के लिहाज से वे राजस्थान के नेताओं में सबसे आगे हैं। […]

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विविधा

कुछ कहना चाहते हैं अपने लोग

आजकल अपने लोगों को अपनी बातें कहने के लिए अपने लोग नाकाफी या नाकाबिल दिखने लगे हैं। हम न अपने लोगों के पास रहना चाहते हैं, न अपने लोगों को सुनना चाहते हैं। जो अपने हैं उनके सुख-दुःखों में न हिस्सा बँटाना चाहते हैं, न किसी के काम ही आना चाहते हैं। हमें न अपने […]

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विविधा

पशु बलि ,संस्कृति और न्यायालय

– डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री            संस्कृति दरअसल मानव प्रगति की यात्रा का ही दूसरा नाम है । जीव जीव का भोजन है , यह आदिम प्रवृति की सब से बड़ी पहचान है । आदिम प्रवृत्तियों पर नियंत्रण ही सांस्कृतिक उत्थान की पहचान है । सभी जीवों में से मानव को ही सबसे ज़्यादा बुद्धिमान […]

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विविधा

मंदिर को धुलाने का प्रसंग और अम्बेडकर की राह

– डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री               नीतिश कुमार को हटा कर जीतन राम माँझी बिहार के मुख्यमंत्री बने थे । वैसे वे लम्बे अरसे से राजनीति में हैं और गाहे बगाहे मंत्री इत्यादि भी बनते रहते हैं , लेकिन नरेन्द्र मोदी की आँधी के आगे जब नीतिश कुमार के लिये मुख्यमंत्री रह पाना संभव नहीं […]

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विविधा

वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा

अमर शहीद रामप्रसाद ‘बिस्मिल’   अरूजे कामयाबी पर कभी तो हिन्दुस्तां होगा । रिहा सैयाद के हाथों से अपना आशियां होगा ।।   चखायेगे मजा बरबादिये गुलशन का गुलची को । बहार आयेगी उस दिन जब कि अपना बागवां होगा ।।   वतन की आबरू का पास देखें कौन करता है । सुना है आज […]

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विविधा

ऐसा था एेतिहासिक टीपू सुल्तान

हैदर अली की म्रत्यु के बाद उसका पुत्र टीपू सुल्तान मैसूर की गद्दी पर बैठा। गद्दी पर बैठते ही टीपू ने मैसूर को मुस्लिम राज्य घोषित कर दिया। मुस्लिम सुल्तानों की परम्परा के अनुसार टीपू ने एक आम दरबार में घोषणा की —“मै सभी काफिरों को मुस्लमान बनाकर रहूंगा। “तुंरत ही उसने सभी हिन्दुओं को […]

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विविधा

राज्यपाल कुरैशी गलत नहीं

उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी का मामला आजकल सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है। केन्द्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने अदालत के सामने जो तर्क पेश किए हैं वे मुझे खोखले मालूम पड़ते हैं। यह तो उनकी ईमानदारी का सबूत है कि उन्होंने यह मान लिया है कि उन्होंने राज्यपाल कुरैशी को इस्तीफा देने के […]

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