सेवा वही जिसमें स्वार्थ न हो – डॉ. दीपक आचार्य9413306077dr.deepakaacharya@gmail.com सेवा हर इंसान को करनी चाहिए, यह उसका प्राथमिक फर्ज है। उदरपूर्ति के लिए जरूरी काम-काज के बाद जो कुछ समय हमें मिलता है, उस पर हमारा कोई अधिकार नहीं है, वह समय समाज का है। यह वह समय होता है जब हमें आत्मकेन्दि्रत स्वभाव को छोड़कर औरों के […]
Month: July 2014
बिखरे मोती भाग-57
अध्यात्मवाद की वैदिक पद्घति : संध्योपासन-भाग दो गतांक से आगे……आचार्य भद्रसेनमहाराज कृष्ण गीता में कहा है-इंद्रियाणि प्रमाथीनि हरन्ति प्रसभं मन:।हे अर्जुन! इंद्रियां बड़ी बलवान हैं। ये जबरदस्ती मन को अपनी ओर खींच लेती हैं। अत: इंद्रियों के बलवान होने के साथ साथ उनका सन्मार्गगामी होना भी परमआवश्यक है। यह तभी होगा, जब उनके अंदर से […]
स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज ने सांईबाबा के लिए पिछले दिनों कह दिया कि सांई हिंदू नही, मुसलमान थे। इसलिए उनकी पूजा उचित नही कही जा सकती। स्वरूपानंद जी महाराज द्वारका पीठ के शंकराचार्य हैं, उनका कहना है कि सांई भगवान का अवतार नही है। स्वरूपानंद जी महाराज ने ये भी कहा है किसांई हिंदू मुस्लिम […]
देश की राजनीति ले रही है करवट
महाभारत के शांतिपर्व में भीष्म पितामह युधिष्ठर को राजधर्म का उपदेश देते हुए बताते हैं-‘‘जो बुद्घिमान, त्यागी, शत्रुओं के छिद्रों (दोषों) को जानने में तत्पर, देखने में सुंदर, सभी वर्णों के न्याय और अन्याय को समझने वाला, शीघ्र कार्य करने में समर्थ, क्रोधविजयी, आश्रितों पर कृपालु, महामनस्वी, कोमल स्वभाव युक्त, उद्योगी, कर्मठ, और आत्मप्रशंसा से […]
बिखरे मोती भाग-56
आदर मिले न खैरात में, चाहता हर इंसानगतांक से आगे….आदर मिले न खैरात में,चाहता हर इंसान।गुणों के बदले में मिले,बनना पड़ै महान ।। 636 ।। अर्थात इस संसार में सम्मान हर व्यक्ति चाहता है किंतु यह उपहार में नही मिलता है। इसे तो आप अपने विलक्षण गुणों के द्वारा अर्जित करते हैं। इस संदर्भ में […]
करीब 153 साल पहले वडोदरा से ही नेरोगेज ट्रेन की शुरुआत हुई थी। लेकिन इस ट्रेन में कोई चलने वाला इंजन नहीं था। इस हल्की ट्रामवे को दो बैलों से खिंचवाया जाता था। ये बैल बहुत ही आसानी से ट्रामवे को खींचते थे, जिसमें पांच गुड्स कैरिज्स होते थे। ये एक जोड़ी बैल दो-तीन मील […]
पुण्य प्रसून वाजपेयी जिस खामोशी से अमित शाह बीजेपी हेडक्वार्टर में बतौर अध्यक्ष होकर घुसे हैं उसने पोटली और ब्रीफकेस के आसरे राजनीति करने वालो की नींद उडा दी है। अध्यक्ष बनने के बाद भी खामोशी और खामोशी के साथ राज्यवार बीजेपी अध्यक्षों को बदलने की कवायद अमित शाह का पहला सियासी मंत्र है। इतना […]
निर्मल रानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन अथवा भाजपा सरकार का पहला रेल बजट संसद में पेश कर दिया गया। प्रत्येक सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए रेल बजट की भांति इस बजट में भी कई नई रेलगाड़ियां चलाए जाने का प्रस्ताव है। 2014-15 के दौरान 5 नई प्रीमियम रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी तथा 6 वातानुकूलित एक्सप्रेस रेलगाड़ियां शुरू […]
मेरे एक मित्र बड़े जोर-शोर से तर्क दे रहे थे की #मोदी जी ने 14.2% रेल किराया बढ़ा दिया, अब तो पैसे आ गये, अब रेलवे का विकास करो, रेलवे की खराब स्थिति को सुधारो ! उनकी जानकारी के लिये कुछ तथ्य दे रहा हूँ :-पेसेंजर ट्रेन से सलाना कुल 43000 करोड़ का रिवेन्यू जेनेरेट […]
तनवीर जाफरी पिछले दिनों देश में हुए लोकसभा चुनावों के दौरान देश ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का एक पक्षपातपूर्ण चेहरा देखा। मीडिया के इस पक्षपातपूर्ण रवैये का कारण यदि कहीं उसकी ‘व्यवसायिक आशाएं’ थीं तो कहीं ‘सांस्कारिक पूर्वाग्रह’। और ऐसी पक्षपातपूर्ण खबरें प्रसारित करने का व ऐसे विभिन्न कार्यक्रम प्रसारित करने वाले एक विवादित टीवी चैनल […]