आशीष वशिष्ठबढ़ते कीटनाशको के उपयोग ने पक्षियों के जीवन को बहुत नुकसान पहुंचाया है. किसानों के मित्र समझे जाने वाले पक्षियों की प्रजातियों में दिन-प्रतिदिन भारी कमी होती जा रही है. हालात ये हैं कि कुछ समय से तो कुछेक प्रजातियों के पक्षी नजर ही नहीं आ रहे हैं. विशेष बात तो यह है कि […]
Month: December 2013
आज का चिंतन-14/12/2013
एक जगह के तनाव दूसरी जगह न ले जाएं – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com यों देखा जाए तो तनाव मन का वहम ही होता है और यह वह वहम है जो आदमी को भीतर से भी खोखला कर देता है और बाहर से भी कमजोर कर देने वाला होता है। तनाव हमेशा घटना सापेक्ष […]
बिखरे मोती-भाग 30
एक पुण्य चलेगा साथ में, सब होवेगा शून्यप्रेमहीन बन्धु जहां,और कुल्टा हो नार।दयाहीन जो धर्म हो,मत करना स्वीकार ।। 444 ।। आयु, मृत्यु, कर्म, धन,और पांचवां ज्ञान।गर्भ में ही सारे मिलें,ऐसा विधि-विधान ।। 445 ।। ेकर्म से अभिप्राय व्यवसाय से है। सत्पुरूषों से ले प्रेरणा,करें शिष्टï व्यवहार।ऐसे कुल संसार में,पाते हैं ख्याति अपार ।। 446 […]
आज का चिंतन-13/12/2013
सबसे बड़े नालायक वे हैं जो औरों को तनाव देते हैं – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आदमी का जन्म संसार के कल्याण और अपने बंधुओं, क्षेत्रवासियों एवं संपर्कितों के सुख-दुःखों में भागीदारी निभाते हुए व्यष्टि एवं समष्टि का कल्याण करने के लिए हुआ होता है। सामाजिक प्राणी के रूप में इंसान की जो […]
वैदिक संपत्तिउपक्रम : संसार के सभी मनुष्य सुख शांति चाहते हैं और उसको प्राप्त करने के लिए अपनी परिस्थिति के अनुसार कभी भौतिक और कभी आध्यात्मिक साधनों के द्वारा प्रयत्न भी करते हैं। परंतु उनकी सुख शांति का आदर्श वही होता है, जिससे कि वे प्रभावित होते हैं, और उसी प्रकार के ही प्रयत्नों का […]
आज का चिंतन-11/12/2013
गोयरों को न पालें वरना पीपल को भस्म होना ही है – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हम कितने ही अच्छे क्यों न हों, कितने ही अच्छे काम करने वाले क्यों न हों, जमाना हमारा मूल्यांकन अकेले का नहीं करता है बल्कि उन सभी के साथ करता है जो लोग हमारे इर्द-गिर्द हुआ करते हैं। […]
आरूषि-प्रकरण में न्यायालय ने आरूषि और नौकर हेमराज की हत्या के आरोप में तलवार दंपत्ति को दोषसिद्घ करार देते हुए आजन्म कारावास का दण्ड है। तलवार-दंपत्ति ने न्यायालय के इस निर्णय को चुनौती देने की घोषणा करते हुए कहा है कि वह दिये गये निर्णय से न्याय से वंचित किये गये हैं, इसलिए सक्षम न्यायालय […]
बोए पेड़ बबूल के तो आम कहां से
प्रवीण दुबेजैसी संभावना थी वही सामने आया, चार राज्यों के चुनाव परिणामों में कांग्रेस को जनता ने नकार दिया है। किसी ने ठीक ही कहा है ”बोए पेड़ बबूल के तो आम कहां से होय” कांग्रेस को जब-जब देशवासियों ने मौका दिया, वो जहां-जहां भी सत्ता में रही उसने जनता के साथ झूठ, छल, कपट […]
आज का चिंतन ( 10/12/2013)
धरा पर स्वर्ग उतर आए यदि मानवाधिकारों की समझ आ जाए – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com मनुष्य जीवन धर्म, अर्थ, कर्म एवं मोक्ष आदि पुरुषार्थ चतुष्टय का दूसरा नाम ही है। पुरुषार्थ का अभाव होने पर मनुष्य होने का कोई अर्थ ही नहीं। दुनिया में हर प्राणी और वस्तु, जड़-चेतन सभी का अपना मौलिक […]
आज का चिंतन-08/12/2013
उत्सवी आनंद के रूप में लें लोकतंत्र के महासमर को – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com जो होना था वह हो चुका है आज सामने आ ही जाएगा। लोकतंत्र के इस महासमर की पूर्णाहुति का निर्णायक दौर आखिर आ पहुँचा है जहाँ हम सभी को हर प्रतिस्पर्धा उत्सवी आनंद के साथ लेने का अभ्यास […]