ममता त्रिपाठीयोगवासिष्ठ का भारतीय दर्शन में एक महत्त्वपूर्ण स्थान है । एक ओर जहाँ इस ग्रन्थ में उच्च दार्शनिक विमर्श के दर्शन होते हैं, वहीं दूसरी ओर यह साहित्यिक मञ्जुलता को समाहित करता हुआ चलता है । आख्यान, कथा, कहानियों जैसे सर्वजनग्राह्य माध्यम का सहारा लेकर बहुत ही ललित शैली में दर्शन के गूढ़तम सिद्धान्तों […]
Month: December 2013
प्रमुख व्यक्तियों से संबद्घ स्थान
फतेहपुर सीकरी :अकबरकपिलवस्तु, लुम्बिनी :महात्मा बुद्घपुदुचेरी :अरविंद घोषपोरबंदर, साबरमती :महात्मा गांधीशांति निकेतन :देवेन्द्र नाथ टैगोरतलबंडी :गुरू नानकशांतिवन, तीन मूर्ति भवन :जवाहरलाल नेहरूविजयघाट :लालबहादुर शास्त्रीशक्ति स्थल :इंदिरा गांधीकिसान घाट :चौ. चरण सिंहमहत्वपूर्ण दिवस-वर्षगणतंत्र दिवस :26 जनवरीशहीद दिवस :30 जनवरीअंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस :8 मार्चवायुसेना दिवस :1 अप्रैलविश्व स्वास्थ्य दिवस :7 अप्रैलअंबेडकर जयंती :14 अप्रैलमई दिवस (मजदूर दिवस) […]
वीणा सेठीयह बात हमेशा कही जाती है कि जहां पर नारी की पूजा होती है वहां देवता निवास करते हैं। नारी की भारत के घर घर में किस तरह से पूजा और कैसा सम्मान किया जा रहा है, यह सर्वविदित है। जन्म से लेकर मृत्यु तक उसे सदैव ही पुरूष के संरक्षण की आवश्यकता का […]
आज का चिंतन-18/12/2013
न भुलाएं आंचलिकता परंपराएं हों या पहचान – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हम जिस किसी क्षेत्र में रहते हैं वहाँ की संस्कृति, सामाजिक व्यवस्थाओं, परंपराओं और परिवेशीय विलक्षणताओं की जानकारी होने के साथ ही उस क्षेत्र विशेष से संबंधित संत-महात्माओं, युगपुरुषों, महान व्यक्तित्वों, प्रेरणास्पद हस्तियों और घटनाओं आदि सभी की जानकारी का होना […]
बिखरे मोती-भाग 31
ईश भजन से भय मिटै, विनम्रता से अहंकार कसौटी कनक को परख दे,कितना कनक में दोष।आचरण से मनुष्य के,परखे जायें गुण-दोष ।। 454।। एक ही मां की कोख है,किंतु भिन्न स्वभाव।जैसे बेर के वृक्ष पर,फल में हो अलगाव ।। 455।। जिसका हृदय साफ हो,होता न धोखेबाज।मूरख मृदुभाषी नही,जग का अटल रिवाज ।। 456।। दरिद्र द्वेष […]
आज का चिंतन-17/12/2013
नकारात्मकता ही सूँघते न रहें कभी सकारात्मक कर्म भी देखें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com अपने आस-पास, अपने क्षेत्र में और देश-दुनिया में रचनात्मक तथा सकारात्मक कामों का बाहुल्य है और खूब सारे लोग अच्छे कामों में रमे हुए हैं लेकिन उनके बारे में न हम चर्चा करना चाहते हैं, न उनकी जिन्दगी के […]
आज का चिंतन-16/12/2013
आखिर क्यों नहीं चाहते हम सत्य देखना, सुनना, पढ़ना व बोलना – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हममें से अधिकांश लोगों को रोशनी और सत्य पसंद नहीं है। हम अपने लाभ को हमेशा सामने रखते हैं और दूसरों के प्रति बेपरवाह होकर हर कर्म और उसके फल की परिभाषा और गणना अपने-अपने हिसाब से करने […]
आज का चिंतन-15/12/2013
पूर्ण अनुकरण अब संभव नही जो अच्छा है, ग्रहण करते चलें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com स्वार्थों और ऎषणाओं की अंधी दौड़ तथा परफेक्शन की कमी के मौजूदा दौर में न तो किसी को रोल मॉडल माना जा सकता है और न ही ऎसा आदर्श, कि जिसके जीवन की हर बात को अंगीकार किया […]
भद्रपुरूष बनाम जैंटलमैन
अंग्रेजी के जैंटलमैन को हिंदी के ‘भद्रपुरूष’ (भले आदमी) का समानार्थक मानने की भूल उसी प्रकार की जाती है जिस प्रकार रिलीजन को धर्म का पर्यायवाची मानकर की जाती है। ‘भले आदमी’ को किसी के विषय में इस प्रकार प्रयोग किया जाता है जैसे वह दिमागी रूप से कमजोर हो या किसी प्रकार से भी […]
जनता ने लिखी परिवर्तन की इबारत
नरेश भारतीदेश की दिशा में परिवर्तन के संकेत स्पष्ट हैं। राजनीतिक दंगल में उतरने वालों को अब देश की दशा में निर्णायक परिवर्तन लाने के लिए सशक्त जन आह्वान सुनने को मिल रहा है। विधानसभा चुनावों का वर्तमान दौर पूरा हो चुका है और प्राप्त परिणामों का विश्लेषण करते हुए पार्टी नेतृत्व अब अपनी अपनी […]