पल्ला झाड़ने में माहिर होते हैं नाकाबिल और कामचोर लोग – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com एक समय वह था जब लोग खुद आगे चलकर अपनी रुचि का कोई सा काम हाथ में लेते थे और पूरा करके ही दम लेते थे। समाज के लिए उन दिनों उपयोगी लोगों की संख्या भी खूब थी। हालांकि […]
Month: November 2013
क्या हिंदुत्व साम्प्रदायिकता है?
महंत दिग्विजयनाथआज के अधिकांश नागरिक और संसार के प्रमुख व्यक्ति, जो हिंदुत्व से अनभिज्ञ है हिंदुत्व का अर्थ साम्प्रदायिकता और हिंदू का अर्थ साम्प्रदायिक समझते हैं। यह आज का एक प्रचलित नारा हो गया है और यह भी दावे के साथ कहा जा सकता है कि इसके सदृश भ्रमपूर्ण और अनर्गल नारा दूसरा हो भी […]
सावरकर के विचार को संदर्भ सहित समझें
समग्र सावरकर ही समग्र राष्ट्र का पर्याय है अनुच्छे (1)-कई हिंदुत्व प्रेमी और साथ ही हिंदू राष्ट्रवादी चिंतकों ने वीर सावरकर जी द्वारा 1936 में हिंदू महासभा के कर्णावती अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में दिये गये अध्यक्षीय भाषण के एक अंश पर गंभी आपत्ति प्रकट की है। इस आपत्ति पर विचार करते हुए प्रस्तुत […]
हिमाचल शिक्षा बोर्ड में अब भाषा घोटाला
मनीराम शर्मायह अन्धा मोड़ है । इतना अन्धा कि इस पर कभी भी दुर्घटना हो सकती है । इसी अन्धे मोड़ पर हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड का कार्यालय स्थित है । वैसे तो यहाँ लोगों ने स्वयं ही चेतावनी पट लटका रखा है , सावधानी हटी -दुर्घटना घटी। लेकिन शिक्षा बोर्ड जो सारे हिमाचल को […]
बिखरे मोती-भाग 25
शील स्वभाव हो मनुष्य का, तो जेवर का क्या कामअति गुणी गुणगान के,लक्ष्मी करे न निवास।उन्मत गौ की भांति ये,कहीं कहीं करें प्रवास ।। 387।। नारी की गति तीन हैं,कन्या मां और सास।धन की गति भी तीन हैं,दान भोग और नाश ।। 388।। लज्जा, भय, शंका उठे,मन में पश्चाताप।ये लक्षण नही धर्म के,किया है कोई […]
गोमूत्र और हमारा स्वास्थ्य
भारत में गोमूत्र को औषधीय रूप में लेने की परंपरा बहुत प्राचीन है। हमारी चिकित्सा प्रणाली और आयुर्वेद एलोपैथिक चिकित्सा प्रणाली की भांति रोग से लड़ता नही है, अपितु रोग को मिटाता है। इसलिए जैसे शोक के समूल नाश के लिए योग की खोज की गयी वैसे ही हमारे ऋषि पूर्वजों ने रोग के समूल […]
स्वामी दयानन्द सरस्वती को सामान्यत: केवल आर्य समाज के संस्थापक तथा समाज-सुधारक के रूप में ही जाना जाता है। राष्ट्रीय स्वतन्त्रता के लिए किये गए प्रयत्नों में उनकी उल्लेखनीय भूमिका की जानकारी बहुत कम लोगों को है। वस्तुस्थिति यह है कि पराधीन आर्यावर्त (भारत) में यह कहने का साहस सम्भवत: सर्वप्रथम स्वामी दयानन्द सरस्वती ने […]
सीमा समझौता में चीन की चाल
जब नरेन्द्र मोदी देश में भाजपा की लहर को और भी प्रभावी बनाते घूम रहे हैं तो उस समय देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह विश्व की दो बड़ी शक्तियों रूस और चीन के दौर पर रहे हैं। यह बड़े ही आश्चर्य का विषय है कि जब देश का वर्तमान पी.एम. विदेशी दौरे पर रहा और […]
आज का चिंतन-03/11/2013
रोशनी चाहें तो छोड़ें अंधेरों का साथ – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आज दीपावली है। इसका उल्लास कई दिन चलेगा। हम यह सब कुछ करते हैं अपने जीवन में उजियारा भरने के लिए। उजियारा अपने भीतर इतना विराट और व्यापक अर्थ समेटे हुए है जिसमें जीवनचर्या और परिवेश का हर कोना समाहित है। हम […]
प्रकाश पर्व दीपावली हमें अपने भीतर झांक कर देखने अर्थात अंतरावलोकन कर अपने भीतर व्याप्त सभी बुराईयों को समूल नष्ट कर उनके स्थान पर अच्छाईयों को रोपित करने और उन्हें पल्लवित व पुष्पित करने का सुअवसर प्रदान करता है। इस प्रकार यह पर्व आत्म निरीक्षण का पर्व है। जीवन को उत्थानवाद की ओर धकेलकर उसे […]