नरेन्द्र मोदी को ब्रिटेन की पार्लियामेंट को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया है। साथ ही अमेरिका ने भी संकेत दिया है कि वह भारत में जिसकी भी सरकार बनेगी उसी के साथ काम करने के लिए तैयार है।दोनों संकेत स्वतंत्रता दिवस की 66वीं वर्षगांठ के अवसर पर मिले हैं, इन्हें निश्चित ही शुभसंकेत […]
Month: August 2013
आज का चिंतन-17/08/2013
आज की सबसे बड़ी समस्या मूर्ख और नादान लोग – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 जो लोग समझदार हैं, जिन्हें ईश्वर ने पर्याप्त बुद्घि से नवाजा है उन सभी प्रकार के लोगों में से अधिकांश लोगों के सामने जीवन की कोई और समस्या या पीड़ा हो न हो, मूर्ख और नासमझ लोग उनके लिए पूरी जिन्दगी […]
स्वतंत्रता दिवस की 66वीं वर्षगांठ भारत मना रहा है। इस पावन अवसर पर हम एक दूसरे को शुभकामनाएं प्रेषित कर रहे हैं। सचमुच पिछले 66 वर्षों में हम दो चार कदम नही अपितु मीलों चले हैं, बहुत कुछ किया गया है। बहुत कुछ किया जा रहा है पर जितना किया गया या किया जा रहा है […]
आज का चिंतन-15/08/2013
जश्न ही न मनाएँ देश के लिए कुछ करें भी पिछले 66 साल से हम आजादी के पर्व का जश्न मनाते आ रहे हैं। इस दिन हम स्वतंत्रता सेनानियों और संग्राम में भागीदारी निभाने वाले लोगों को सिर्फ याद कर लिया करते हैं, उनके नामों की फेहरिश्त पढ़ लिया करते हैं और राष्ट्रीय एकता एवं […]
महाभारत काल में भारत के अंदर 101 प्रसिद्घ क्षत्रिय राजवंश थे। इनमें से 86 राजा मगध नरेश जरासंध ने पराजित कर जेल में डाल रखे थे। इन 101 राजवंशों के इतने ही महाजनपद (प्रांत या राज्य क्षेत्र) थे। इससे महाभारत (विशाल भारत) का निर्माण होता था। ये राजा किसी एक राजा से होने वाले दूसरे […]
“वंदे मातरम” की शब्द शक्ति ”
डॉ. मधुसूदन (एक)मातृभूमि की भक्ति जगाने की शक्ति:मातृभूमि के प्रति भक्ति-भाव जगाने की शक्ति,जिस गीत के शब्दों में कूट कूट कर भरी हुयी है, ऐसे ”वंदेमातरम” का सामुहिक गान जब सम्पन्न हुआ, तो एक ओर, पंक्तियाँ गायी जा रही थी, जिसके बोल थे –-शुभ्र ज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम्फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्,सुहासिनीं सुमधुरभाषिणीम्,सुखदां वरदां मातरम् । वन्दे मातरम् ।।२।।तो […]
आज का चिंतन-14/08/2013
ब्लेकमेलिंग से कम नहीं हैऔरों पर बेवजह निगाह रखना – डॉ. दीपक आचार्य9413306077अपने काम में रमे रहकर आनंद पाना सच्चे मनुष्य का लक्षण है लेकिन दूसरों के कामों पर निगाह रखना, जमाने भर की बुराइयों का टोकरा अपने पास जमा करते हुए औरों को भयभीत करते हुए अपने उल्लू सीधे करना तथा दूसरों की मजबूरियों […]
देश में पुन: 1947 वाली दशा दिखाई दे रही है। मजबूत नेता न होने से समस्याएं बढ़ती ही जा रही हैं। भ्रष्टाचार-बलात्कार-गैंगरेप जैसी घटनाओं में अभूतपूर्व वृद्घि हुई है जिससे सिर शर्म से झुक जाता है। खाने पीने की वस्तुओं में मिलावट-नकली मिठाईयां, सिंथैटिक दूध नकली देशी घी, विदेशी खादों के अधिक प्रयोग से सब्जियों […]
गायों का शोषण घोर पाप कर्म है
सुरेश रा. कुलकर्णीहमारे पूर्वज सृष्टि के नियमों और प्रक्रिया विधि को अच्छी तरह से जानते थे। उन्हें गाय के महत्व का भी पता था और उसे सताने, उसका उत्पीड़न करने से होने वाले परिणामों का भी ज्ञान था। इसलिए यदि इतिहास में सभी संस्कृतियों व धर्मों में गाय को पूजा जाता था। तो इसमें कोई […]
आज का चिंतन-13/08/2013
कामयाबी से दूर रहते हैं लोग जो गरजते-बरसते हैं – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 आजकल ऐसे लोगों की तादाद खूब बढ़ती जा रही है जो धैर्य और शांति के साथ न रह सकते हैं, न काम कर सकते हैं। ऐसे लोग जीवन में हर कहीं बेवजह उद्वेलन के बीच जीने को विवश होते हैं। इस […]