हे कबीर ! लौट आओ जरूरत है मूर्दों में जान फूँकने की डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हे कबीर ! तुम्हारे जाने के बाद आज फिर तुम्हारी याद में बेसब्र हैं हम। आज वही युग फिर लौट आया है जो तुम्हारे समय था। उन दिनों विषमताओं का रंग-रूप कुछ और किस्म का था, आज आधुनिकताओं की […]
Month: June 2013
आज का चिंतन-22/06/2013
दरिद्री और दुःखी रहते हैंमितव्ययताहीन मूकदर्शक – डॉ. दीपक आचार्य9413306077dr.deepakaacharya@gmail.com जो लोग अपने जीवन में मितव्ययता नहीं बरतते हैं वे जीवन भर दुःखी और दरिद्री रहते हैं और इन लोगों का कोई ईलाज नहीं है। ऎसे लोगों में दो प्रकार की किस्मे होती हैं।एक वे हैं जो खुद का पैसा बचाने के लिए ही मितव्ययी हैं, दूसरों का […]
पिछले दिनों में चीन, सिंगापुर और मलयेशिया की यात्रा करके लौटा हूं। मुझे कुछ चीजों ने इन देशों में इतना प्रभावित किया है कि उन्हें आपके लिए लिखा जाना अनिवार्य मान बैठा हूं। जैसे चीन में हर व्यक्ति अपनी राष्ट्र भाषा चीनी से असीम स्नेह करता है। वह हर विदेशी से अपेक्षा करता है कि […]
बिखरे मोती-भाग 7
द्वेष करै साधु नही, ज्ञानी नही कहायबुद्घि में जो कुशाग्र हो,नीति में गंभीर।मनोभाव प्रकटै नही,राज्य के रक्षक धीर।। 106।। दण्ड-क्षमा का भान हो,कोष का होवै ज्ञान।प्रजा को समझै पुत्रवत,राजा वही महान।। 107।। भृत्यों के जो संग मेंकरै ऐश्वर्य उपभोग।ऐसे राजा के राज में,खुशहाली के योग।। 108।। राजा का भेदी मंत्री,पति की भेदी नार।भ्राता पुत्र के […]
आज का चिंतन-21/06/2013
अविश्वसनीय होते हैं बात-बात में कसम खाने वाले डॉ. दीपक आचार्य 94330607 dr.deepakaacharya@gmail.comआदमियों की कई सारी किस्मों में से एक किस्म उन लोगों की है जो बात-बात में कसम खाया करते हैं और उन लोगों को अपनी किसी भी बात को पुष्ट करने या आधार प्रदान करने के लिए किसी न किसी की सौगंध खाने […]
भारत की विदेशनीति जैसी 1947 में देश के पहले प्रधानमंत्री नेहरू जी के द्वारा तय की गयी थी कुछ कुछ वैसी ही चली आ रही है। यद्यपि इस विदेश नीति पर नेहरू जी का कोई अपना विशेष प्रभाव नही था वस्तुत: यह ब्रिटिशर्स के काल में जैसी थी न्यूनाधिक बाद में भी वैसी ही चलती […]
आज का चिंतन-20/06/2013
संकल्प को ताकतवर बनाएँ इच्छाओं को नहीं डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.comमनुष्य इच्छाओं का दास है और पूरी जिन्दगी वह इच्छाओं के महासागर में भ्रमण करता रहता है। जीवन के हर क्षण में मनुष्य के साथ कोई न कोई इच्छा लगी ही रहती है। इसी कारण इंसान को इच्छाओं और ऐषणाओं का पुतला कहा जाता […]
देवेन्द्र सिंह आर्यआखिर भाजपा और जद(यू) का राजनीतिक गठबंधन टूट ही गया। भाजपा में नरेन्द्र मोदी का उदय इस गठबंधन के टूटने की प्रमुख वजह माना जा रहा है। जद(यू) के वरिष्ठ नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नरेन्द्र मोदी रास नही आ रहे थे और उन्हें भाजपा के ‘नमो नम:’ मंत्र से […]
आज का चिंतन-19/06/2013
असली आनंद मिलता है कर्त्तव्य निर्वाह के बाद ही-डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com कर्म और जीवन के आनंद के बीच गहरा रिश्ता है। आनंद ही अपना चरम लक्ष्य हो और कर्त्तव्य कर्म गौण या उपेक्षित हो तो वह आनंद मात्र आभासी एवं क्षणिक ही होता है जबकि कर्त्तव्य कर्म का निर्वाह हमारी प्राथमिकता में हो […]
सुपरकूल है नया आईओएस 7
मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम में एक बड़ी वॉर की शुरू हो गई है। एपल ने हाल ही में अपनी आईओएस डिवाइसेज के लिए नया ऑपरेटिंग सिस्टम आईओएस7 लॉन्च किया है। एंड्रॉयड, ब्लैकबेरी और विंडोज ओएस से मिल रही कड़ी चुनौती को देखते हुए एपल ने अपने ढ्ढह्रस् आईओएस का रंग-रूप तक बदल डाला है। एपल का […]