प्रभुदयाल श्रीवास्तवमानव शरीर को ईश्वर की सर्वोत्तम कृति माना गया है। पौराणिक कथाओं और हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार चौरासी लाख योनियों से गुजऱने के बाद मनुष्य योनि प्राप्त होती है जो क्रमश:ईश प्राप्ति की ओर बढ़ते कदमों की अंतिम परणिति मानी गई है। मानव शरीर के द्वारा साधना, उपासना आराधना संकल्प और त्याग […]
Month: January 2013
मंत्रीजी का आगमन
जब हमने अपने नगर की।सड़कों पर छिड़कावसफेदी का भुड़कावमोड़ और चौराहों पर सिपाहियों काघुड़काव देखा तो एक सिपाही से पूछाश्रीमान जी आज ये सफाई वगैराकौन करा रहा हैतो उसने हमें घूरकर बतायासुना है कोई मंत्री आ रहा हैहमने सोचा काशकोई न कोई मंत्री रोज ही यहां आएताकि हमारा नगर नरक से स्वर्गबन जाए -गाफिल स्वामी
(1)जापान ने अपनी उन्नति कैसे की?जापानी विद्वानों ने जब उन्नीसवीँ शती के अंत में, संसार के आगे बढे हुए, देशों का अध्ययन किया; तो देखा, कि पाँच देश, अलग अलग क्षेत्रों में,विशेष रूप से, आगे बढे हुए थे।(2) वे देश कौन से थे?वे थे हॉलंड, जर्मनी, फ्रांस, इंग्लैंड, और अमरिका।(3) कौन से क्षेत्रो में, ये […]
विनोद बंसलजनवरी के नजदीक आते ही जगह-जगह जश्न मनाने की तैयारियां प्रारम्भ हो जाती हैं। करोडों रुपए का खर्चा नव वर्ष की तैयारियों में खर्च हो जाता है। होटल, रेस्तरॉ, पब इत्यादि अपने-अपने ढंग से इसके आगमन की तैयारियां करने लगते हैं। ‘हैप्पी न्यू ईयर’ के बैनर, होर्डिंग, पोस्टर व कार्डों के साथ दारू की […]
डॉ. दीपक आचार्यपूरी दुनिया साल भर बाद आज फिर पुराने वर्ष को विदा देने के लिए जबर्दस्त उतावली और आतुर है। इसी दौड़ में हम भारतीय भी पिछलग्गू बने हुए सन् 2012 को अलविदा कहने के लिए क्या-क्या नहीं कर गुजर रहे।कई दिनों से हमने जाने कितने जतन किये हैं अपने इस वर्ष को विदा […]
तभी होगा नववर्ष मंगलमय
जीवन नश्वर है, जिंदगी की भागदौड़ में यह फटाफट बीतता जा रहा है। कितने ही वसंत आये और चले गये। जीवन की रेलगाड़ी रफ्तार से सफर तय किये जा रही है। संसार के बहुत सारे लोग हैं जिन्हें अभी तक जीवन के गंतव्य का ध्यान नही है। अस्त-व्यस्त होकर जीवन जीने वाले ऐसे असंख्य लोगों […]
जिन लोगों ने अपनी कलम बेची उन्होंने ही ईमान बेचा और जिन्होंने ईमान (धर्म परिवर्तन किया) बेचा उन्होंने ही हिंदुस्तान बेचा। बाहर से आने वाले विदेशी लोगों से देश को कभी खतरा नही रहा-बल्कि देश के भीतर रहकर विदेशियों के मित्र बनकर रहने वालों से देश को खतरा रहा है। अमरीका सहित विश्व के सभी […]
गतांक से आगे….नाम अनंत है-तरह तरह के नाम मनुष्य अपने पीछे छोड़ सकता है, दिव्य गुण भी अनंत हैं, इन दिव्य गुणों के कारण मनुष्य जैसा चाहे वैसा ही नाम पीछे छोड़ सकता है। जो इस रहस्य को जान जाता है वह मृत्यु को जीत लेता है।(2.) आर्तभाग ने फिर अगला प्रश्न किया-हे मुनिश्रेष्ठ! अच्छा […]
दामिनी तुम देश की बेटी बन गयी हो। दुष्टाचारी पापाचारी के सामने तन गयी हो।। तुम्हारे नाम से बहुत सी बहनों को मिलेगा सम्बल। तुम्हारी चिता से निकला चिंतन मचा गया है हलचल।। पर आज ही के अखबार में आयी है एक खबर। एक शिक्षिका तुम्हें श्रद्घांजलि देने पहुंची जंतर मंतर।। एक पुलिस वाले की […]