शिकारी ने अपना तीर छोड़ा और तीर ने एक पक्षी को घायल कर दिया। घायल पक्षी जीवन रक्षा के लिए सिद्घार्थ की ओर दौड़ा। सिद्घार्थ ने पक्षी को गोद में उठा लिया और उसकी वेदना के साथ अपनी संवेदना को मिला कर उसे प्यार से सहलाने लगे। पक्षी शांत होकर गहरी गहरी सांसें ले रहा […]
Month: August 2012
अब तनिक विचार करें पुण्य की महत्ता पर
महाभारत के दो प्रसंग बड़े ही प्रेरणादायक और अनुकरणीय हैं। पहला प्रसंग जब पाण्डुओं ने राजसूय यज्ञ किया था तब उसमें अग्र पूजा भगवान कृष्ण ने की। इस पर शिशुपाल उत्तेजित हो गया। शिशुपाल ने भगवान कृष्ण के लिए अपशब्दों का भी प्रयोग किया। भगवान कृष्ण ने उसे सौ गाली तक तो क्षमा किया किंतु […]
भारत के साथ सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि इसका इतिहास जो आज विद्यालयों में पढ़ाया जा रहा है वह इसका वास्तविक इतिहास नही है। यह इतिहास विदेशियों के द्वारा हम पर लादा गया एक जबर्दस्ती का सौदा है और उन विदेशी लेखकों व शासकों के द्वारा लिखा अथवा लिखवाया गया है जो बलात हम पर […]
अन्ना हजारे राजनीति में आओ…
अन्ना हजारे ने जंतर मंतर पर जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया है और अब एक राजनीतिक पार्टी बनाने के संकेत दिये हैं। अन्ना आंदोलन की इस प्रकार अप्रत्याशित रूप से हवा निकल गयी है। अन्ना अपने आप में ठीक हो सकते हैं, लेकिन उनके बारे में यह बात आरंभ से ही स्पष्ट हो गयी […]
भारत में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का कार्यकाल 25 जुलाई 2012 को समाप्त हो गया है। इसी महीने देश के 13वें राष्ट्रपति के रूप में प्रणव मुखर्जी को चुना गया। भारत के राष्ट्रपति का निर्वाचन अप्रत्यक्ष मतदान से होता है। जनता की जगह जनता के चुने हुए प्रतिनिधि राष्ट्रपति को चुनते हैं। राष्ट्रपति का चुनाव एक […]
रक्षा बंधन पर्व पर विशेष
लघु से विराट की ओर जाने का संकल्प लेकर भारतीयता लघुता में विराटता का प्रतिबिम्ब देखती है। लघु से विराट की ओर अग्रसर होने का संकल्प ही धर्म है। धर्म को सद्संकल्पों के बंधन से रक्षित किया गया है। रक्षा बंधन का पर्व उसी संकल्पधार्यता का प्रतीक है।रक्षा बंधन पर्व हमें उस भाव की रक्षा […]
वैदिक काल गाथा
आदि काल से राष्ट्र हमारा आर्यावर्त कहाता है।भारतवर्ष नाम से अब भी जग में जाना जाता है। सुख समृद्घि सदा रहती थी खुशहाली चहुं दिशा रहींगौ पालन घर घर होता था दूध की नदियां यहां बहींकैसा था दुर्भाग्य देश का द्वापर काल बुरा आया।देवव्रत शांतनु का बेटा भीष्म प्रतिज्ञा कर आया। मैं राज्य की चाह […]
महिला सशक्तिकरण की बात समाज में रह रहकर उठती रही है। महिला सशक्तिकरण का अर्थ कुछ इस प्रकार लगाया जाता है कि जैसे महिलाओं को किसी वर्ग विशेषकर पुरूष वर्ग का सामना करने के लिए सुदृढ किया जा रहा है। भारतीय समाज में प्राचीनकाल से ही नारी को पुरूष के समान अधिकार प्रदान किये गये […]
अधिवक्ताओं के हितों के लिए सदा संघर्षशील रहने वाले और इस क्षेत्र में एक जुझारू और कर्मठ नेता के रूप में अपनी छाप और स्थान बनाने में कामयाब रहे बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान सदस्य हरिशंकर सिंह एडवोकेट का कहना है कि माननीय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अधिवक्ताओं को अपनी पार्टी […]
1948 के बाद भारत में पहला सांप्रदायिक दंगा 1961 में मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में हुआ ! उसके बाद से अब तक सांप्रदायिक दंगो की झड़ी सी लग गयी ! बात चाहे 1969 में गुजरात के दंगो की हो , 1984 में सिख विरोधी हिंसा की हो, 1987 में मेरठ के दंगे हो जो लगभग […]