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स्वास्थ्य

जवानों! जवानी यूं ही न गंवाना

[ब्रह्मचर्य का व्रत धारण करने से मनुष्य ऐश्वर्यशाली बनता है। आज नौजवान ब्रह्मचर्य के व्रत को भूलकर भोगवाद की ओर भाग रहे हैं। ब्रह्मचर्य के अभाव में मनुष्य शारीरिक, मानसिक और आत्मिक उन्नति से वंचित हो रहा है। आर्यसमाज के सुप्रसिद्ध विद्वान् स्व० पं० बुद्धदेव विद्यालंकार जी (स्वामी समर्पणानन्द जी) का यह लेख ‘आर्य गजट’ […]

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इतिहास के पन्नों से

वास्को दी गामा: एक खोजी नाविक अथवा एक ईसाई समुद्री डाकू

#डॉविवेकआर्य हमारे देश में पढ़ाई जाने वाली किसी भी इतिहास पुस्तक को उठाकर देखिये। वास्को दी गामा को भारत की खोज करने का श्रेय देते हुए इतिहासकार उसके गुणगान करते दिखेंगे। उस काल में जब यूरोप से भारत के मध्य व्यापार केवल अरब के माध्यम से होता था। उस पर अरबवासियों का प्रभुत्व था। भारतीय […]

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इतिहास के पन्नों से

गोवा का कुख्यात ‘हाथ कटारो खंभ’

#डॉविवेकआर्य यह चित्र देख रहे है आप। यह का गोवा का कुख्यात ‘हाथ कटारो खंभ’। आपने कभी नहीं सुना होगा। इस खंभ का नाम हाथ कटारो इसलिए पड़ा क्योंकि संत? नाम से जाने जाने वाले फ्रांसिस जेवियर यहाँ लाकर उन हिन्दुओं को बाँध देता था जो ईसाई बनने से मना कर देते थे। उन्हें तड़पा […]

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आज का चिंतन

नवरात्रों में उपवास करने का महत्व

नवरात्रों या नौ इन्द्रियों पर नियंत्रण में उपवास और निराहार रहने का सत्य अर्थ क्या हैं?? प्राय: उपवास से सब यही निष्कर्ष निकालते हैं की भोजन ग्रहण न करना अथवा भुखा रहना। मगर क्या उपवास का अर्थ वाकई में निराहार रहना हैं? उपवास का अर्थ :- शतपथ ब्राह्मण १/१/१/७ के अनुसार “उपवास” का अर्थ गृहस्थ […]

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इतिहास के पन्नों से

दलित उत्थान का प्रेरणादायक संस्मरण

दलित उत्थान का प्रेरणादायक संस्मरण #डॉविवेकआर्य 1920 के दशक में स्वामी श्रद्धानन्द ने दलितोद्धार का संकल्प लिया। उस काल में दलित कहलाने वाली जनजातियों को सार्वजानिक कुओं से पानी भरने की अनुमति नहीं थी। इस अत्याचार के विरुद्ध आर्यसमाज के शीर्घ नेता स्वामी श्रद्धानन्द ने आंदोलन चलाया। उन्होंने पहले महात्मा गाँधी और कांग्रेस से दलितों […]

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इतिहास के पन्नों से

इतिहास का ठुकराया हीरा- वीर छत्रपति शम्भा जी (11 मार्च को बलिदान दिवस पर विशेष रूप से प्रचारित)

#डॉविवेकआर्य वीर शिवाजी के पुत्र वीर शम्भा जी का जन्म 14 मई 1657 को हुआ था। आप वीर शिवाजी के साथ अल्पायु में औरंगजेब की कैद में आगरे के किले में बंद भी रहे थे। आपने 11 मार्च 1689 को वीरगति प्राप्त की थी। इस लेख में वीर शम्भाजी जी के उस महान और प्रेरणादायक […]

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आज का चिंतन

वेदों के पांच ऋषि

वेदों के पांच ऋषि #डॉविवेकआर्य ऋग्वेद 10/150/ 1-5 मन्त्रों में अग्नि रूप परमेश्वर को सुख प्राप्ति के लिए आवाहन करने का विधान बताया गया है। ईश्वर से प्रार्थना करने और यज्ञ में पधारकर मार्गदर्शन करने की प्रार्थना की गई है। धन, संसाधन, बुद्धि, सत्कर्म इच्छित पदार्थों, दिव्या गुणों आदि की प्राप्ति के लिए व्रतों का […]

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पर्व – त्यौहार

होली: एक यज्ञीय पर्व

(हरिभूमि समाचार पत्र में होली पर विशेष रूप से प्रकाशित लेख) डॉ विवेक आर्य आज होली पर्व है। होली सांस्कृतिक उत्सव है। इस पर्व का प्राचीन नाम वासन्ती नव सस्येष्टि है अर्थात् वसन्त ऋतु के नये अनाजों से किया हुआ यज्ञ। होली होलक का अपभ्रंश है। तिनके की अग्नि में भुने हुए (अधपके) शमो-धान्य (फली […]

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हमारे क्रांतिकारी / महापुरुष

पंडित लेखराम के जीवन के विषय में कुछ रोचक संस्मरण 6 मार्च पंडित लेखराम जी के बलिदान दिवस के अवसर पर प्रकाशित

#डॉविवेकआर्य पंडित लेखराम के विषय में जितना अधिक में जानता जाता हूँ उतनी ही अधिक उन्हें जानने की मेरी इच्छा बलवती होती जाती हैं। पंडित जी के जीवन कुछ अलभ्य संस्मरण मुझे मिले जिन्हें मैं आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ। आचार्य रामदेव जी की पंडित लेखराम जी से प्रथम भेंट उन्हीं दिनों बच्छो वाली […]

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इतिहास के पन्नों से हमारे क्रांतिकारी / महापुरुष

21 फरवरी पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन : कित्तुरू की महान रानी चेन्नम्मा

हर साल कित्तुरु में 22 से 24 अक्टूबर तक कित्तुरु उत्सव लगता है जिसमें उनकी जीत का जश्न मनाया जाता है। चेन्नम्मा का जन्म 23 अक्टूबर, 1778 को ककाती में हुआ था। यह कर्नाटक के बेलगावी जिले में एक छोटा सा गांव है। उनकी शादी देसाई वंश के राजा मल्लासारजा से हुई जिसके बाद वह […]

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