“हे मनुष्य ! जिस दिन उस परम सत्य का साक्षात्कार तुझे हो जायगा तो निश्चय से तू भी बोल उठेगा ‘इदं ब्रह्म’। पुरुष के विषय में कहने लगेगा ‘यह ब्रह्म है, यह ब्रह्म है’।” तस्माद् वै विद्वान् पुरुषमिदं ब्रह्मेति मन्यते। सर्वा ह्यस्मिन् देवता गावो गोष्ठ इवासते।। -अथर्व० ११।८।३२ ऋषिः – कौरूपथिः। देवता – अध्यात्म, मन्युः। […]
…. तू भी बोल उठेगा – इदम ब्रह्म