शहीद रामप्रसाद बिस्मिल ने अपनी आत्मकथा में लिखा है………………………..| ” मेरे बाद पांच बहनों का जन्म हुआ दादा जी ने कुल की कुप्रथा के अनुसार कन्याओं को मारने की कोशिश की परंतु मेरी माता जी ने इन कन्या के प्राणों की रक्षा की उन्हें अच्छी शिक्षा दी तथा धूमधाम से उनकी शादी की” “स्त्रियों की […]